योगी ने सहारनपुर के सारे दोषियों को बरी कर दिया, क्या 60 दलितों के घर आँधी से जले थे?- जिग्नेश मेवाणी

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पिछले महीने सहारनपुर में दलित बस्तियों को जलाने के मामले में बनी एसआईटी ने सभी आरोपी ठाकुरों को छोड़ दिया है। जिस पर युवा दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने तीख़ी टिप्पणी की है।

वह कहते हैं कि, ‘सहारनपुर मामले में बनी एसआईटी ने आरोपी सारे ठाकुरों को छोड़ दिया। मतलब कि, अचानक से आंधी आई और 60 से ज्यादा दलितों के घर अपने आप जल गए।’सहरानपुर मामले में बनी SIT ने आरोपी सारे ठाकुरों को छोड दिया। मतलब के अचानक से आंधी आई और 60 से ज्यादा दलितो के घर अपने आप जले गए।

गौरतलब है कि, सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में राजपूत और दलित समाज के बीच तनाव होने पर राजपूतों ने दलितों के घरों में आग लगा दी थी। जिसमें तकरीबन 60 घर जल गए थे और दर्जनों लोग घायल हो गए।

इस हिंसक वारदात के बाद भीम आर्मी की सक्रियता बढ़ी और देश भर में दलित आंदोलन तेज हुआ। गुजरात में दलित आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे जिग्नेश मेवाणी ने उत्तर प्रदेश में हुई इस घटना को शर्मनाक बताया और तब से मामले पर लगातार प्रकिया देते आ रहे हैं।

एक अन्य ट्वीट में जिग्नेश कहते हैं कि, गुजरात अब जंगलराज बनता जा रहा है। ‘पाटीदार के बाद गुजरात में दलित युवक की कस्टडी में हत्या। जंगलराज बनता जा रहा है वाइब्रेंट गुजरात।’पाटीदार के बाद गुजरात मे दलित युवक की कस्टडी में हत्या। जंगलराज बनता जा रहा है ‘vibrant gujarat’ https://t.co/jBe3dz1enP

इसके साथ ही वह आह्वान करते हैं ‘वक्त की डिमांड है कि पाटीदार और दलित के साथ न्याय मानने वाले और लोग भी मिलकर सरकार को घेरें। और मानवाधिकार का हनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

दरअसल अगर दलित और पाटीदार समुदाय एक साथ आ गए तो आगामी गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। इस लिहाज़ से भी जिग्नेश और हार्दिक पटेल जैसे मशहूर युवा नेताओं को गंभीरता से लिया जा रहा है।

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