Video : सेक्स स्कैंडल में फंसे पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम का वीडियो वायरल, फिर भी भाजपा मेहरबान

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भाजपा नैतिकता की खूब बातें करती हैं। मगर वोटों के लिए उसे घोटाले में जेल जा चुके और सेक्स स्कैंडल में फंसे सुखराम को भी पार्टी में लेने से परहेज नहीं। सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल

नई दिल्लीः   हिमांचल प्रदेश विधानसभा  चुनाव के दौरान  बीते दिनों दिग्गज कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखराम शर्मा और उनके बेटे अनिल शर्मा  भाजपा में शामिल हुए। तब से उनके राजनीतिक विरोधी ही नहीं खांटी भाजपाई भी हमलावर हैं।  दूरसंचार घोटाले के आरोपी सुखराम को पार्टी में शामिल करने पर भाजपा  हमले झेल रही है। अब सुखराम शर्मा का सोशल मीडिया पर एक सेक्स वीडियो वायरल किया जा रहा है। जिसमें वह एक महिला के साथ बिस्तर पर नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं कि घोटाले में जेल की हवा खा चुके, सेक्स स्कैंडल में फंसे नेता पर भाजपा क्यों इतनी मेहरबानी दिखा रही।

कब का है मामलासोशल मीडिया पर सुखराम के कथित सेक्स वीडियो की इंडिया संवाद ने पड़ताल की।  इस दौरान सुखराम सेक्स स्कैंडल से जुड़ी एक खबर  अंग्रेजी वेबसाइट इंडिया टुडे पर प्रकाशित मिली। जिसके मुताबिक यह वीडियो जून 2013 में पहली बार सामने आया। जिसकी आइटी एक्ट और इंडिसेंट रिप्रजेंटेशन ऑफ वीमेन(प्रोहिबेशन एक्ट 1986 के तहत पुलिस में केस भी दर्ज हुआ है।

मंडी टाउन में बंटी थी सीडी

रिपोर्ट के मुताबिक सुखराम शर्मा के कथित सेक्स स्कैंडल की सीडी हिमांचल प्रदेश के मंडी टाउन इलाके में सबसे पहले उनके विरोधियों ने बांटी। इस 15 मिनट की सीडी में 80 साल के सुखराम शर्मा एक महिला को किस कर रहे हैं। फिर वे बिस्तर पर आपत्तिजनक अवस्था में दिखते हैं।

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अमूमन जिस तरह का कुर्ता-पायजामा सुखराम पहनते हैं, हूबहू उसी अंदाज में शख्स महिला के साथ वीडियो में दिखता है। बताया जाता है कि यह वीडियो नई दिल्ली के एक होटल में किसी तीसरे शख्स ने बनाया। यह शख्स सुखराम शर्मा की टीम का ही बताया जाता है। जिसने धोखे से अपने आका की गंदी बात की वीडियो रिकार्डिंग कर ली।

कौन हैं सुखराम शर्मा, छापे में बोरी भर पैसा बरामद हुआ

सुखराम शर्मा हिमांचल प्रदेश के दिग्गज कांग्रेसी नेता रहे। एक महीने पहले भाजपा ने वोटों के लिए उन्हें पार्टी में शामिल किया। सुखराम के बेटे अनिल शर्मा को मंडी सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने आधिकारिक उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ाया है।

मंडी सीट का वर्ष 1962 से नवंबर 1984 तक सुखराम ने प्रतिनिधित्व किया था। उनके लोकसभा में चुने जाने के बाद 1985 में डी डी ठाकुर ने यह सीट जीती। बीजेपी ने 1990 में इस सीट पर अपना कब्जा किया था.

साल 1993 के विधानसभा चुनाव में अनिल शर्मा ने मंडी से जीत हासिल की लेकिन सुखराम का नाम दूरसंचार घोटाले में सामने आने के बाद उन्हें कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था। घोटाले के बाद पड़े छापे के दौरान उनके घर बोरी भर-भर के पैसे बरामद हुए थे। जब हाल में भाजपा की सदस्यता लिए तो पूछने पर कहा था कि वह पैसा कांग्रेस का था।

यहां देखें वीडियो :

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