यूपी में ‘स्वच्छ अभियान’ हुआ फेल, 10 सबसे गंदे शहरों में गाजियाबाद नंबर 1 पर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार ने साल 2014 में भारी ताम-झाम से देश में स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी। अभियान में देश भर में सड़कों, गलियों, बाजारों को मुख्य रूप से साफ-सुथरा रखने का सकंल्प लिया गया था।

देशवासियों को भी उम्मीद थी कि मोदी जी के इस कदम के बाद हर शहर चमकने लगेगा। लेकिन अभियान के शुरू होने के तीन साल बीतने पर भी हालात जस के तस हैं। हद तो तब है जब देश के सबसे गंदे शहरों की लिस्ट में भाजपा शासित राज्य का ही एक शहर सबसे ऊपर है।

 

जी हां, देश की राजधानी से सटा उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद शहर देश का सबसे गंदा शहर है। ये हम नहीं कह रहे हैं। यह लिस्ट केंद्र सरकार के अधीन आने वाले केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने एक रिपोर्ट में जारी की है। सीपीसीबी ने पिछले तीन साल की निगरानी के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के अनुसार देश के 94 शहरों में पीएम 10 तेजी से बढ़ रहा है। इन शहरों में गाजियाबाद प्रदूषण के मामले में देशभर में नंबर एक है।

 

ऐसा नहीं है कि भाजपा शासित यूपी से सिर्फ गाजियाबाद ही अकेला गंदा शहर है। रिपोर्ट के अनुसार देश के सबसे प्रदूषित 10 शहरों में उत्तर प्रदेश के सात शहर हैं। लिस्ट में गाजियाबाद के अलावा इलाहाबाद, बरेली, दिल्ली, कानपुर,  फिरोजाबाद, आगरा, अलवर, गजरौला, जयपुर का नाम भी है।

गाजियाबाद क्यों है प्रदूषण में नंबर 1

गाजियाबाद में प्रदूषण बढ़ने का कारण सिर्फ यहां के इंड्रस्ट्रियल एरिया या फिर वाहनों की अनगिनत संख्या नहीं है। यहां जमा होने वाली गंदगी भी यहां फैलने वाले प्रदूषण की वजह बनती है। गाजियाबाद ऐसा शहर है जहां से कई राज्यों के रास्ते निकलते हैं। गाजियाबाद से होते हुए तीन नेशनल हाईवे, एनएच-24, एनएच-58, एनएच-92 निकलते हैं। इन हाईवे से होकर गाड़ियां उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा की ओर जाती हैं।

ऊंची-ऊंची इमारतें, बड़े-बड़े मॉल और अन्य शानदार जगहें इस शहर की पहचान बनती जा रही हैं। मगर इस कामयाबी पर प्रदूषण का ग्रहण लगता जा रहा है। अब प्रदूषण को लेकर सरकार को सख्त कदम उठाने की जरुरत है। ताकि गाजियाबाद ही नहीं अन्य शहरो में प्रदूषण पर काबू पाया जा सके और लोग स्वच्छ हवा में सांस ले सकें।

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