भाजपा शासित प्रदेश में आरएसएस की गाड़ी में हो रही शराब तस्करी को महिलाओं ने पकड़ा

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आरएसएस खुद को देश का सबसे बड़ा देशभक्त संगठन बताता है लेकिन उसके ही लोग तस्करी का काम करते पकड़े जाते हैं। ऐसा ही हुआ है भाजपा शासित राज्य उत्तराखंड में। उत्तराखंड के चमोली जिले के एक गांव की महिलाओं ने हजारों रुपयों की अंग्रेजी शराब भरी कार और एक तस्कर को पकड़ लिया। तस्कर ने कार के आगे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गुरुग्राम हरियाणा का नाम लगा रखा था।

खबर के अनुसार चमोली जिले की आदिबद्री तहसील के खेत गधेरा गांव की महिलाओं ने गांव में अवैध ढंग से शराब पहुंचाने वाली कार को निकलते हुए देखा। उन्होंने हिम्मत जुटाकर कार को रोक लिया। कार में बड़ी मात्रा में शराब की बोतलें देख उनका पारा चढ़ गया। उन्होंने चालक सहित कार को घेर लिया और पुलिस प्रशासन को जानकारी दी। काफी देर के बाद पहुंची पुलिस कार्यवाही की बात कहकर शराब सहित चालक को अपने साथ ले गई।

कार के आगे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गुरुग्राम हरियाणा लिखा बोर्ड लगा रखा था। दिल्ली नंबर की गाड़ी में लगाए बोर्ड के अक्षर भी नारंगी रंग से लिखे गए थे। जिसको लेकर भी लोगों में खासी चर्चा है। पुलिस जांच कर रही है कि आरोपी ने बोर्ड चेकिंग से बचने को लगाया या फिर उसका आरएसएस से कोई ताल्लुक है।

लेकिन जो सबसे शर्मनाक बात हुई वह यह थी कि अगले दिन पुलिस ने बाकायदा प्रेस नोट जारी कर कार को चेकिंग में पकड़ा दिखा दिया। पुलिस के मुताबिक थानाध्यक्ष गैरसैंण रवींद्र नेगी ने सघन चेकिंग के दौरान आदिबद्री क्षेत्र में सेंट्रो कार को रोकर 132 बोतल अंग्रेजी शराब पकड़ी। चालक विकास निवासी ग्राम सिवाना थाना बैरी हरियाणा को कोर्ट में पेश किया गया। थाना पुलिस ने अपने अफसरों के सामने महिलाओं की पकड़ी शराब को अपना काम दर्शा दिया।

पुलिस की कार्यप्रणाली से महिलाओं में खासा आक्रोश है। महिलाओं का कहना है कि पुलिस के बेरियरों से शराब लेकर तस्कर आसानी से निकल रहे हैं। पुलिस खुद तो उनको जाने देती है। जब महिलाओं ने तस्कर को शराब सहित पकड़ा तो पुलिस ने इसे अपना काम बता दिया।

सामाजिक कार्यकर्ता बसंत साह बताते हैं कि पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी की जा रही है। जिससे खासतौर पर महिलाएं बेहद परेशान हैं। सोमवार को भी जब मंगल दल से जुड़ी महिलाओं ने शराब पकड़ी तो चालक सहित कार को 3 घंटे तक घेरे रखा। बताया गया कि शराब के साथ पकड़ा गया आरोपी काफी दिनों से शराब की तस्करी कर रहा था।

आपको बता दें कि पहाड़ों में बड़ी मात्रा में हरियाणा ब्रांड की शराब तस्करी से पहुंचाई जाती है। हरियाणा से पहाड़ तक पहुंचने के लिए तस्करों की गाड़ियां पुलिस के कईं बेरियरों को पार करती है। फिर भी शराब की ज्यादातर खेप पहाड़ पहुंचाने में तस्कर कामयाब हो जाते हैं। जब भी कभी शराब पकड़ी जाती है, वे अक्सर हरियाणा ब्रांड की होती है। क्योंकि उत्तराखंड के मुकाबले तस्करों को हरियाणा में शराब सस्ती मिलती है, इसलिए वे इसकी धड़ल्ले से तस्करी करते हैं।

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