करोड़ों में खेलने वाले बाबा को अब रोज मिलेंगे चालीस रुपए

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डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को बलात्कार के दो मामलों में आज विशेष सीबीआई अदालत ने 20 साल जेल की सजा सुनाई और कहा कि डेरा प्रमुख ने जानवरो की तरह सुलूक किया और यहां तक कि अपनी भक्त साध्वियों को भी नहीं छोड़ा। अदालत ने कहा कि राम रहीम :50: ने अपने भोले और अंध अनुयायिओं का यौन उत्पीड़न करके विश्वासघात किया और वह किसी नरमी के हकदार नहीं हैं।

 

न्यायाधीश ने अपने नौ पृष्ठों के आदेश में बलात्कार के दो मामलों में 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई। ये मामले साल 2002 के हैं।बचाव पक्ष के वकील एसके गर्ग नरवाना ने संवाददाताओं को बताया कि ये दोनो सजाएं एक के बाद होंगी और डेरा प्रमुख को कुल 20 साल तक जेल में रहना होगा।  राम रहीम सिंह पर दोनों मामले में 15-15 लाख रूपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इनमें से 14-14 लाख रूपये की राशि दोनों पीड़िताओं को दी जाएगी जो इसी पंथ से जुड़ी हुई थीं।

 

नरवाना ने कहा, मामले के विशेष तथ्य और हालात को देखते हुए अदालत की यह राय थी कि अगर अपनी खुद की महिला अनुयायिओं का यौन उत्पीड़न करने और उनको बुरे अंजाम की धमकी देने के दोषी की करतूतों का संज्ञान लिया जाए तो ऐसे व्यक्ति अदालत से किसी तरह की नरमी के हकदार नहीं हैं।उनके अनुसार अदालत ने कहा, दोषी ने अपनी साध्वियों को भी नहीं छोड़ा और जानवर की तरह की हरकत की। न्यायाधीश ने कहा, डेरा सच्चा सौदा के नाम के धार्मिक संगठन का नेतृत्व करने वाले व्यक्ति…दोषी की ऐसी आपराधिक करतूत साध्वियों और आध्यात्मिक सामाजिक सांस्कृतिक एवं धार्मिक संस्थाओं की छवि को तार-तार करने वाली है।  सीबीआई प्रवक्ता अभिषेक दयाल ने यह भी कहा कि राम रहीम बलात्कार के दोनों मामलों में 10-10 साल जेल की सजा सुनाई।  उन्होंने कहा कि दोनों सजाएं एक के बाद एक होंगी तथा राम रहीम को कुल 20 साल जेल की सजा काटनी होगी। नरवाना ने कहा कि आपराधिक धमकी :आईपीसी की धारा 506: के एक अन्य मामले में डेरा प्रमुख को दो साल की सजा सुनाई गई।

बचाव पक्ष के वकील ने अदालत से अपने मुवक्किल के प्रति नरमी बरतने की मांग करते हुए कहा कि राम रहीम सामाजिक कार्य में सक्रिय रहे हैं और उनको रक्तचाप, मधुमेह जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हैं। सीबीआई के वकील ने अदालत से कहा कि डेरा प्रमुख ने खुद को भगवान की तरह पेश किया और अपने रूतबे का दुरूपयोग किया तथा बलात्कार की घटनाओं को अंजाम दिया।  मीडिया के अनुसार अदालत का फैसला पढ़ा गया तो राम रहीम रो पड़े और हाथ जोड़कर रहम की गुहार लगाई। सजा सुनाए जाने के बाद कहीं से ंिहसा की खबर नहीं है। दोषी करार दिए जाने के बाद पंजाब और हरियाणा में कई स्थानों पर ंिहसा हुई थी जिसमें कम से कम 38 लोग मारे गए थे। ज्यादातर लोगों की मौत पुलिस गोलीबारी में हुई थी।  अप्रिय घटनाओं से बचने के मकसद से यह फैसला किया गया था कि राम रहीम को पंचकूला स्थित अदालत में ले जाने की बजाय विशेष सीबीआई न्यायाधीश जगदीप  सिंह  रोहतक पहुंचकर सजा सुनाएं। वे हेलीकॉप्टर से रोहतक पहुंचे।

 

आईएएस अधिकारी वी उमाशंकर ने बताया कि जिला प्रशासन ने डेरा के सिरसा में मौजूद खातों पर रोक लगाने तथा पहले की ंिहसा से प्रभावित लोगों को इन खातों से मुआवजा देने का आदेश दिया है।अधिकारी ने कहा, ह्यह्यकहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है और मैं आशा करता हूं कि शांति बनी रहेगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लोगों खासकर डेरा समर्थकों से अपील की है कि वे सीबीआई अदालत के फैसले का सम्मान करें और राज्य में शांति बनाए रखने में मदद करें। उन्होंने कहा, कोई व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और हर किसी को अदालत के फैसले का सम्मान करना चाहिए।रोहतक और जेल के आसपास के इलाकों में सुरक्षा के बहुस्तरीय प्रबंध किए गए थे। अर्धसैनिक बलों की 23 कंपनियों की तैनाती की गई थी। जेल की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया था और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सेना को तैयार रखा गया था।हरियाणा और पंजाब हाई अलर्ट पर रहे और अधिकारियों ने सुरक्षा हालात को चुनौतीपूर्ण करार देते हुए चेतावनी दी थी कि ंिहसक प्रदर्शनकारियों को देखते ही गोली मार दी जाएगी।

कुशल श्रेणी के कैदियों को 40 रुपए

दशकों से जिस व्यक्ति ने अपने हाथ से पानी का गिलास भी न उठाया हो, जिसकी सेवादारी में हर समय सेवक-सेविकाएं बिछे रहते हों, उस शख्स की दिनचर्या मंगलवार से पूरी तरह बदल जाएगी। बलात्कार के जुर्म में 20 साल की सजा सुनाए जाने के बाद मंगलवार की सुबह से जेल प्रशासन इस मुजरिम के साथ उसी तरह का बरताव करेगा जैसे सामान्य कैदी के साथ किया जाता है।

अब राम रहीम के आसपास न तो हजारों-लाखों श्रद्धालुओं का जमावड़ा होगा और न ही सुबह उसके आसपास सेवादारों की कोई लंबी कतार होगी। उसे अन्य कैदियों को तरह खुद ही उठकर अपना काम करना होगा। उसके भक्तों के लिए यह खबर दुखदायी हो सकती है, लेकिन जेल कायदे के अनुसार, सजायाफ्ता अपराधियों को जेल में रहकर रोजाना मजदूरी करनी पड़ती है।  जेल नियम के अनुसार, यहां रहने वाले कैदियों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। जेल परिसर के भीतर अपना एक कारखाना है जहां फर्नीचर निर्माण व कपड़ा आदि बनाने का काम होता है। इसके अलावा यहां बागवानी, सामान्य कारीगर, कैदियों और जेल में रहने वाले बच्चों को पढ़ाने, कपडे धोने, दैनिक उपभोग की वस्तुएं बनाने का काम है।

एक तरफ जहां जेल प्रशासन मंगलवार से राम रहीम को सामान्य कैदियों के साथ दैनिक कार्य आबंटित करने की तैयारी कर रहा है, वहीं गुरुघंटाल राम रहीम इससे बचने के लिए अपनी तरकीब लगा रहा है। सूत्रों की मानें तो राम रहीम ने 24 अगस्त को ट्वीट करके कहा था कि उसकी कमर में दर्द है और तबीयत ठीक नहीं है। मंगलवार को इसी बात को आधार बनाया जाएगा। राम रहीम कमर दर्द का बहाना बनाकर कुछ दिन के लिए बाकी पेज 8 पर जेल में किए जाने वाले काम से छूट हासिल कर सकता है। ऐसे में किसी भी कैदी को कम से कम बीस दिन तक छूट दिए जाने का प्रावधान है। डेरा सच्चा सौदा संचालक रहते हुए राम रहीम अक्सर मौसम के अनुसार चांदी व अन्य धातुओं के गिलास में पानी पीता था। लेकिन मंगलवार से उसे अन्य कैदियों की तरह एक मग दिया जाएगा। पिछले कई दशकों से राम रहीम सुबह के समय नाश्ते में फल या जूस आदि लेता था। जबकि दोपहर व रात्रि के समय डेरे में उसकी पसंद से अलग भोजन बनाया जाता था। इसके उलट बलात्कार के दोष में सजा होने के बाद सोमवार से उसे जेल नियमों के अनुसार ही खाना मिलेगा।

जेल के नियम के अनुसार, सुबह के समय बंदियों और कैदियों को चाय व ब्रेड या रस के दो टुकडे दिए जाते हैं। दोपहर के समय खाने में दाल और चपाती दी जाती है। वहीं शाम के समय एक चाय दी जाती है। इसके अलावा रात के समय भोजन में चपाती और एक सब्जी दी जाती है। सुनारिया जेल में एक कैंटीन अलग से है जहां से बंदी और कैदी अपने पैसे से सामान खरीदकर कुछ भी खा सकते हैं।गुरमीत राम रहीम जितने समय तक डेरा सच्चा सौदा में रहा, उसके अन्य कार्यों के साथ-साथ उसकी ड्रेस अक्सर चर्चा में रहती थी। डेरा प्रमुख के बारे में यह प्रसिद्ध है कि वह दिन में कई बार कपडेÞ बदलता था। पर सजा सुनाए जाने के बाद हालात बदल गए हैं। फैशनेबल पोशाकों के शौकीन रहे डेरा प्रमुख को जेल प्रशासन ने अन्य कैदियों की तरह जेल के कपडेÞ देकर उसके पहने हुए कपडेÞ ले लिए हैं। अब राम रहीम को कैदिया वाले कपड़े पहन कर ही गुजारा करना होगा।

आज से न सेवादार होंगे न श्रद्धालु, कैदियों के बीच रहकर करनी होगी हाड़तोड़ मेहनत

जेल नियमावली के अनुसार यहां आने वाले कुशल (स्किल्ड) श्रेणी के कैदियों को 40 रुपए, अर्धकुशल कैदियों को 25 रुपए और अप्रशिक्षित कैदियों को रोजाना 20 रुपए की दिहाड़ी दी जाती है। इसके अलावा जेल परिसर में अप्रशिक्षित कैदियों को उनकी इच्छा अनुसार चुने जाने वाले काम का प्रशिक्षण दिए जाने का भी प्रावधान है। गुरमीत राम रहीम की शैक्षणिक योग्यता को अगर आधार बनाया जाए तो यह तय माना जा रहा है कि उसे यहां कैदियों को पढ़ाने आदि का काम नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा जेल प्रशासन का यह भी प्रयास रहेगा कि राम रहीम को कैदियों को पढ़ाने और सुबह के समय योग आदि करवाने की जिम्मेदारी न दी जाए। इस तरह के काम में जोखिम की संभावना रहती है।

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