मोदीजी सिर्फ रिलायंस को चीन से कारोबार करने देंगे, बाकियों को अहिंसा करने का दिया पूरा हक? – देखें

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हिंदूवादी संघठन ने चीन से सीमा पर चल रहे विवाद के बाद चीन की मोबाइल कंपनियों का जमकर विरोध किया। चीन की मोबाइल कंपनी ओप्पो और वीवो को निशाने पर लेते हुए हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने मोबाइल दुकानों पर लगे वीवो ओर ओप्पो के बोर्ड तोड दिए।

 

यह सब पुलिस के सामने होता रहा, लेकिन पुलिस कार्यकर्ताओं को रोक नहीं सकी। दरअसल, कुछ दिन पहले अचानक चीन के खिलाफ विरोध के स्वर उग्र हो उठे हैं। हिन्दू राष्ट्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने जमकर अपना विरोध सड़कों पर दिखाया। कार्यकर्ताओं ने सपना संगीता रोड स्थित कई मोबाइल दुकानों में लगे ओप्पो और वीवो के बोर्ड पर निशाना साधा और जमकर तोड़ फोड़ की। दरअसल कार्यकर्ताओं का आक्रोश उन सभी चायना के उत्पादों को लेकर है जो भारत में बेचे जा रहे हैं।

 

हिन्दू संगठन के राजेश शिरोड़कर ने बताया कि चीन द्वारा सीमा पर जंग की स्थिति पैदा की जा रही है और भारतीय सरजमी को अपने कब्जे में लेने की हिमाकत की जा रही। वहीं सेना के जवानों को निशाना बनाया जा रहा है, जो कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे में 7 दिन पहले ही चीनी उत्पादों के प्रचार-प्रसार को निशाना बनाने की चेतावनी प्रशासन को भी दे दी गई गई थी।

जिस समय कार्यकर्ता तोड़फोड़ कर रहे थे, उसी समय पुलिस भी वहां पहुंच गयी थी, पुलिस ने दो कार्यकर्ताओं को पकड़ा भी सही, लेकिन उन्हें वहीं से छोड़ दिया गया। यही नहीं हिन्दू राष्ट्र संघ के नेता राजेश शिरोड़कर भी पुलिस के सामने ही अपनी कार में बैठ कर चले गये, लेकिन पुलिस कुछ नहीं कर सकी। भंवरकुआ थाना के एसआई सुरेश कुमार ने बताया कि कार्यकर्त्ता आये थे, उन्हें खदेड़ दिया गया, हमारे इलाके में कोई तोड़फोड़ नहीं हुई है।

रिलायंस ने 4 लाख से ज्यादा 4जी जियो सिम चीन से मंगाये
मुकेश अंबानी की रिलायंस ने 4 लाख से ज्यादा 4जी जियो सिम चीन से मंगाये हैं। इस बात खुलासा  टेलीकॉम टॉक ने किया है।एक इम्पोर्ट ट्रेकिंग वेबसाइट Zauba.com पर प्रकाशित आंकड़ों के मुताबिक टेल्को ने ये सिम कार्ड्स 22 रुपये प्रति के हिसाब से 9392846 रुपये में खरीदे हैं।


पीएम मोदी आए दिन अपने भाषणों में बोलते हैं की उनके आने के बाद भारत पूरी तरह से डिजिटल और अपग्रेड हो गया है। ऐसे में भारत को डिजिटल करने के लिए मोदी ने तीन साल विदेशी दौरे किए हैं। लेकिन अब हाल ऐसा की भारत की कंपनियां चाइना जैसे देश को व्यापार दे रहीं है।

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