भारत कौन सा ग़रीब 5000 रूपये देकर बुलेट ट्रेन में बैठेगा?: कांग्रेस

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नई दिल्ली: अहमदाबाद में आज बुलेट ट्रेन परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी और भारत के दौरे पर आये जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने किया है।इसपर कांग्रेस ने पीएम मोदी के इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का मानना है कि अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना आर्थिक रूप से व्यावहारिक नहीं है।बुलेट ट्रेन परियोजना को चुनावी बुलेट ट्रेन बताते हुए पार्टी ने कहा कि बीजेपी द्वारा इस वक़्त इसकी शुरुआत सिर्फ गुजरात विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए की गई है।गौरतलब है कि गुजरात में इस साल विधानसभा चुनाव होने की खबरें आ रही है।

 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि, “मुंबई से अहमदाबाद के बीच हवाई किराया 2000 रुपये है और बुलेट ट्रेन का किराया 2800 से 5000 तक होगा। अगर एक लाख यात्री ट्रेन में यात्रा करें तभी यह परियोजना आर्थिक तौर पर व्यावहारिक होगी।”

खरगे ने संवाददाताओं से कहा, यह गहरी चिंता का विषय है कि जब प्रधानमंत्री ने संप्रग सरकार की परियोजना को अपना लिया तो आधारशिला रखने में उन्होंने साढ़े तीन साल क्यों लगाए।इसकी वजह सिर्फ यही है कि इस साल होने वाले गुजरात चुनावों को ध्यान में रखा गया है। यह और कुछ नहीं बल्कि एक चुनावी बुलेट ट्रेन है। उन्होंने आरोप लगाया, हमने पिछले साढ़े तीन साल में देखा है कि किस तरह प्रधानमंत्री ने खास तौर पर चुनावों के लिए बड़ी परियोजनाओं का इस्तेमाल किया।

खरगे ने कहा,”इसमें कौन ग़रीब बैठेगा..कौन सा जिसकी बात आप करते हैं हमेशा, इससे ग़रीबों को फ़ायदा होता है,अमीर लोग परेशान हैं.. कौन सा ग़रीब 5000 रूपये देकर 2800 देकर बुलेट ट्रेन में बैठेगा?”

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ सालों में देश में खौफनाक रेल दुर्घटनाएं हुई हैं। रेल सुरक्षा के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपये की जरूरत है जबकि इस सरकार ने अब तक इस राशि का महज पांच प्रतिशत आवंटन किया है। लेकिन केंद्र सरकार 1,10,000 करोड़ लागत की परियोजना को चलाने जा रहे हैं। रेल सुरक्षा पर ध्यान न देकर सरकार आम लोगों की जिंदगी को संकट में डाल रही है। मोदी के पीएम बनने के बाद देश में 29 बड़े रेल हादसे हुए हैं। जिनमें 259 यात्रियों की मौत हुई और 973 लोग घायल हुए। इसके बावजूद भाजपा सरकार ने रेलवे सुरक्षा को नजरंदाज किया है

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