टैक्स सुधार का श्रेय लेने के चक्कर में लागू किया था GST, और भी थी कई वजह, जाने

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जीएसटी पर सरकार बैकफुट पर आती दिख रही है। बगैर माकूल तैयारियों के आजादी के बाद के सबसे बड़े अप्रत्यक्ष कर सुधारों को लागू करने में इसने कई बड़ी गलतियां की हैं और अब उसे बचाव का रास्ता नहीं सूझ रहा है। यही वजह है कि सरकार ने संकेत दिया है कि जीएसटी प्रणाली में अभ्यस्त होने तक वह कारोबारियों से सख्ती नहीं बरतेगी। देश में 1 जुलाई से जीएसटी लागू कर दिया गया लेकिन अभी भी यह सिस्टम कारोबारियों की समझ से परे है। कहीं टैक्स की दरों को लेकर हंगामा हो रहा है तो कहीं इसकी जटिलताओं का विरोध हो रहा है।

 

हर उद्योग के प्रतिनिधि सरकार के सामने अपनी शिकायतों का पुलिंदा लेकर पहुंच रहा है। सरकार सबको आश्वासन देती जा रही है कि सिस्टम धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा। मोदी सरकार इस सिस्टम के प्रति न तो कारोबारियों और न ही उपभोक्ताओं के मन में विश्वास पैदा कर पा रही है। छोटे कारोबारियों के बीच इसे लेकर आशंका और डर है। यही वजह है कि सरकार को यह कहना पड़ा कि वह छह महीने तक कारोबारियों से सख्ती नहीं बरतेगी।

 

सीआईआई के एक सम्मेलन में हिस्सा लेने आईं केंद्रीय उत्पाद और सीमा शुल्क बोर्ड यानी सीबीईसी की अध्क्ष वनजा सरना ने बुधवार को कहा कि जीएसटी की शुरुआत से तीन से छह महीने तक करदाताओं पर सख्ती नहीं होगी। सरना ने कहा कि 1 जुलाई कोई पत्थर की लकीर नहीं है, जिसके बाद कोई सुधार नहीं हो सकता। अगर कोई सेवा या वस्तु दरों में कमी या संशोधन का सुझाव लेकर आता है तो इसमें सुधार हो सकता है।

इन हालातों के बाद साफ है कि जीएसटी के लिए पर्याप्त इन्फ्रास्ट्रक्चर और तैयारी न होने के बावजूद सरकार ने इसे लागू किया। पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने सरकार को लगातार चेतावनी दी थी कि वह इसे एक साल के लिए टाल दे। लेकिन सरकार इसे 1 जुलाई से लागू कर देश में सबसे बड़े टैक्स सुधार का श्रेय लेना चाहती थी।

 

जीएसटी की विसंगतियों को लेकर देश के कई इलाकों में हड़तालें और विरोध प्रदर्शन हुए। सूरत के कपड़ा व्यापारियों ने दो दिन पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली का आश्वासन मिलने के बाद हड़ताल खत्म की। अप्रत्यक्ष कर की इस प्रणाली को लेकर सरकार रक्षात्मक मुद्रा में है। साफ है कि वह इसे लेकर इंडस्ट्री और उपभोक्ताओं में विश्वास नहीं पैदा कर पाई है। विश्वसनीयता का यह संकट इस सुधार की राह में रोड़ा अटका सकता है।

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