नोटबंदी में गरीब मरे थे, मंदसौर में किसान, गोरखपुर में बच्चे अब बारी बेटियों की ?

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मारपीट, लाठीचार्ज औऱ गोलीबारी का सिलसिला लगातार जारी है। मध्यप्रदेश के मंदसौर में अन्नदाता अपनी फसलों के सही दाम की मांग कर रहा था। अचानक लाठीचार्ज और गोलीबारी ने 7 किसानों की जान ले ली।

अबकी बार बेरहम सरकार में किसान मरे, गरीब मरे या फिर मासूम बच्चे किसी की जिम्मेदारी तय नहीं की जा रही है। देश में किसान, गरीब औऱ मासूमों के बाद बारी बेटियों की आ गई।

बेटियाँ अपनी सुरक्षा की शांतिपूर्वक मांग कर रही थी लेकिन निहत्थी बेटियों को बेरहम कॉलेज और प्रदेश प्रशासन ने बेरहमी से पीटा। पूरी रात पुलिस औऱ बेटियों के बीच संघर्ष चलता रहा। सीसीटीवी से लेकर शोहदों पर कार्रवाई की मांग कर रही बेटियों पर इतनी बेरहमी काफी शर्मनाक है।

अबकी बार मोदी सरकार हो या फिर महिलाओं के सम्मान में भाजपा मैदान में जैसे नारे जुमले साबित होते दिख रहे हैँ। न किसानों की चिंता न मासूमों की। न गरीबों की चिंता है न बेटियों की। यह सरकार है मालूम नहीं इतनी बेरहमी कहाँ से लाती है।

आपको बता दें कि, बीएचयू हॉस्टल में पुलिस वालों ने छात्राओं से बदसलूकी की। छात्राओं के बाल पकड़कर पीटा।

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