अभी तक मोदी से लेकर जेटली तक समझ नहीं पाया कि, नोटबंदी क्यों की गई

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चुनाव के समय मोदी जी अपनी रैलियों में न जाने कैसे-कैसे अजीबोगरीब भाषण दे रहे है। अब वह यूपी की रैली में कह रहे है कि, वह पैदा तो गुजरात में हुए लेकिन उत्तर प्रदेश ने उन्हें गोद लिया है। हालाँकि, यह कोई नई बात नहीं है कि, मोदी जी ने अपना रिश्ता किसी प्रदेश से निकाला हो। हर बार जहाँ कहाँ भी मोदी जी अपनी रैली में किसी भी राज्य में जाते है तो वहां पर भी अपना रिश्ता तो निकाल ही देते है। नोटबंदी के बाद बुरी तरह बौखलाए मोदी को अभी तक यह नहीं समझ आया कि, वह आखिर कर क्या रहा है? द वायर के वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ ने जो बातें नोटबंदी से संबंधित शेयर की है वह वाकई गौर करने लायक है।

अपने चैनल पर उन्होंने बताया कि, ‘लोग बहुत कुछ कहना तो चाहते है लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पाते है। लोग सहमे हुए और डरे हुए भी है और लोगों में गुस्सा भी बहुत है कुछ कहना चाहते है लेकिन शब्द नहीं है। या तो फिर लोग इसलिए नहीं बोल रहे है कि, उन्हें डर लग रहा है कि, उनकी ज़िन्दगी जिस तरह से चल रही है उसमें कोई खलल न पैदा हो जाये।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अभी थोड़े दिन पहले कहा था कि, बड़े-बड़े अर्थशास्त्री भी नहीं समझ पाए कि, ये नोटबंदी से किया क्या है? लेकिन सच्चाई तो यह है कि, अभी तक कोई भी नहीं समझ पाया है कि, ये नोटबंदी क्यों की गई? कभी-कभी तो ऐसा लगता है कि, मोदी जी और उनकी टीम खुद अभी तक नहीं समझ पाई है कि, उनके हाथ से ये क्या हो गया?

जब नोटबंदी का फैसला लिया गया था तब यह निर्णय लिया गया था कि, इसकी सहायता से कालेधन पर रोक लगाई जाएगी। इसके बाद यह कहा गया कि, नोटबंदी का फैसला इसलिए लिया गया कि, जो आतंकवादियों को फंडिंग मिल रही है उसे रोकने के लिए किया जा रहा है। इसके बाद यह कहा गया कि, जो बाजार में नकली करेंसी चल रही है उसे रोकने के लिए किया जा रहा है। इसके बाद फिर से कहा गया कि, नोटबंदी का फैसला कैशलेस सोसाइटी बनाने के लिए किया जा रहा है। इसके बाद फिर कहा गया कि, लेसकैश सोसाइटी के लिए ये कदम उठाया गया है। लेकिन अभी हाल ही में मोदी जी के एक सलाहकार ने बताया कि, रियल एस्टेट की कीमतों में गिरावट लाने के लिए किया गया है। मोदी जी से गुजारिश है कि, जब आप यह समझ जाये कि, नोटबंदी किसलिए की गई तो हमें भी बता दीजियेगा।

नोटबंदी के सौ दिन गुजर जाने के बाद अभी भी एटीएम और बैंकों से पैसे नहीं मिल पा रहे है अभी भी पैसे लेने के लिए लंबी-लंबी कतारों में लगना पड़ता है। हालाँकि, पैसे निकालने की लिमिट तो हटा दी गई है लेकिन फिर भी अभी भी एटीएम में पैसे समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रहे है। नोटबंदी लगाने के पीछे यह कारण था कि, आतंकवादियों की फंडिंग रुकेगी, अभी एक दो दिन पहले ही न्यूज़ में पढने को मिला कि, बांग्लादेश और पाकिस्तान से दो हजार के नकली नोट पकड़े गए है। लेकिन सबसे चिंताजनक बात तो यह है कि, आज वही मीडिया उन मुद्दों पर खामोश है जो आज से ढाई या तीन साल पहले उन मुद्दों के बारें में बहुत चर्चा कर रहा था।

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