मोदी vs किसान,

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नई दिल्ली-GST एक जुलाई को लागू की जा रही है लेकिन इसके लागू होने के बाद पहली बार किसानो पर भी मार पड़ने वाली है बता दे अब तक किसानो पर किसी तरह का कोई टैक्स नही लगाया जाता था लेकिन भारत में ऐसा पहली बार होने जा रहा है,GST से सरकार ने खुद खेती करने वालो को ही राहत दी है लेकिन उनके लिए भी मार्केट में उत्पाद बेचने की शर्त रखी गयी है सबसे बड़ी बात है ज़मीनों को बटाई देने वाले किसानो पर GST के तहत टैक्स वसूला जायेगा .

18 फीसदी लगेगा टैक्स
केंद्र सरकार ने ऐसे किसानों को नहीं बख्शा है, जो खुद तो खेती करते नहीं हैं, बल्कि अपनी खेती को साल के हिसाब से बटाई या फिर कांट्रैक्ट फॉर्मिंग पर तीसरे व्यक्ति को देते हैं. ऐसे किसानों को 18 फीसदी के हिसाब से टैक्स देना होगा. इसके साथ ही ऐसे किसान को जीएसटी के तहत अपना रजिस्ट्रेशन भी कराना होगा. इतना ही नहीं, उन्हें भी व्यापारियों की तरह हर साल 37 रिटर्न फाइल करने होंगे.
​सरकार ने यह भी तय किया है कि जो किसान अपनी सब्जियों या फिर अन्य उपज को खुले मार्केट में बेचते हैं, उनसे किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगेगा. लेकिन अगर इस उपज को किसी ब्रांड के तहत बेचा तो उस पर 5 फीसदी टैक्स देना होगा.
डेयरी, पॉल्ट्री आएंगे जीएसटी के दायरे में
सरकार ने साफ किया है कि डेयरी बिजनेस, मुर्गी पालन, भेड़-बकरी का पालन करने वालों को जीएसटी के दायरे में लाया गया है. जीएसटी में ताजा दूध बेचने पर किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन दूध पाउडर और टेट्रा पैक में बिकने वाले दूध पर 5 फीसदी टैक्स देना होगा.

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