प्रेस रिव्यू: ‘सरकार ने 21,000 करोड़ खर्च कर 16,000 करोड़ बचाए’

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नोटबंदी के बाद आई रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट सालाना की चर्चा हर अख़बार के पहले पन्ने पर है. ‘इंडियन एक्सप्रेस‘ ने पहले पन्ने पर लिखा है, “आंकड़े सवाल पैदा करते हैं, क्या इतनी मुश्किलें झेलना ज़रूरी था.”

‘दैनिक भास्कर’ ने पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम का बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि सरकार ने 21 हज़ार करोड़ रुपये खर्च कर सिर्फ़ 16 हज़ार करोड़ रुपये बचाए. यानी सिर्फ 16 हज़ार 50 करोड़ रुपये के नोट वापिस बैंक नहीं आए जो कुल रकम का 1 फीसदी ही है.

अरुण जेटलीइमेज कॉपीरइटSAJJAD HUSSAIN/AFP/GETTY IMAGES

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ ने अरुण जेटली का बयान छापा है जिसमें उन्होंने कहा है कि नोटबंदी पैसों को ज़ब्त करने की कोशिश नहीं थी बल्कि इसका उद्देश्य कैश इकोनोमी कम कर उसे डिजटल का तरफ ले जाना, टैक्स देने वालों की संख्या बढ़ाना और काले धन से लड़ना था.

अख़बार के अऩुसार जेटली का कहना था कि जिन लोगों ने अपने कार्यकाल में कालेधन के ख़िलाफ़ एक भी कदम नहीं उठाया उन्हें नोटबंदी का मकसद समझ नहीं आएगा.

‘जनसत्ता’ ने लिखा कि नोटबंदी के कारण नए नोटों को प्रिंट करने की लागत लगभग दोगुना बढ़ी और अब यह लागत 7,965 करोड़ रुपये हो गई है.

मुंबई में बारिश, 14 लोगों की मौत

मुंबई में बारिशइमेज कॉपीरइटPUNIT PARANJPE/AFP/GETTY IMAGES

‘इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी एक ख़बर के अनुसार मुंबई में जारी लगातार बरिश के कारण अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है.

अख़बार के अनुसार बीते कल के मुकाबले पानी थोड़ा कम हुआ है और 59 साल के लापता डॉक्टर दीपक आम्रपुरकर को खोज पाने की उम्मीद जागी है.

माना जा रहा है कि घर लौटते समय सड़क पानी से भरी होने के कारण डॉक्टर दीपक खुला मेनहोल नहीं देख पाए और उसमें गिर गए.

मुंबई में कम से कम 6 लोगों की और मुंबई से सटे ठाणे में 4 लोग और पालघर में भी 4 लोगों की मौत हो गई है.

सेना का पुनर्गठन

भारतीय सेनाइमेज कॉपीरइटSANJAY KANOJIA/AFP/GETTY IMAGES

‘हिंदुस्तान टाइम्स’ में छपी एक ख़बर के अनुसार बुधवार को सरकार ने घोषणा की है कि भारतीय सेना में बड़े सुधार के तहत नॉन ऑपरेशनल ज़िम्मेदारियों में तैनात 57 हज़ार अफ़सरों और सैनिकों की नए सिरे से तैनाती होगी और उन्हें ज़रूरी कॉम्बैट भूमिकाओं में लगाया जाएगा.

अख़बार के अनुसार सरकार ने रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल डी. बी. शेकटकर की अध्यक्षता में गठित 11 सदस्यीय समिति की कुल 99 सिफ़ारिशों में 65 सिफ़ारिशें लागू करने को मंज़ूरी दे दी है.

सेना के पुनर्गठन का काम दिसंबर 2019 तक पूरा किया जाएगा. रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने सेना के पुनर्गठन की योजना के डोकलाम विवाद से जुड़े होने की ख़बरों से इंकार किया है और कहा है कि चीन के साथ हुए तनाव से पहले से ही इसकी योजना बनाई जा रही थी.

‘कहीं लोग अपने बच्चों को सरकार भरोसे ना छोड़ दें’

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‘जनसत्ता’ ने अपने पहले पन्ने पर गोरखपुर में हाल में हुई बच्चों की मौत से जुड़ी एक ख़बर छापी है.

अख़बार के अनुसार सरकार के प्रयासों के बारे में बात करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, “कभी-कभी लगता है कि कहीं लोग अपने बच्चों के दो साल के होते ही सरकार के भरोसे छोड़ दें. जिस तरह दूध लेने के बाद गाय को छोड़ दिया जाता है.”

मनोहर लाल खट्टरइमेज कॉपीरइटSTR/AFP/GETTY IMAGES

इस ख़बर के ठीक नीचे अख़बार ने छापा हरियणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का बयान जिसमें उन्होंने इस्तीफ़ा देने से इंकार किया है.

हाल में गुरमीत राम रहीम को मिली सज़ा के बाद भड़की हिंसा के बाद वो भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिले. मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने ‘संयम’ से काम लिया है और वे इससे संतुष्ट हैं.

अख़बार के अनुसार उन्होंने कहा, “हमने जो किया सही किया. कोई बदलाव नहीं होने जा रहा है.”

बढ़ सकती है कारों की कीमत

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‘दैनिक भास्कर’ में छपी एक ख़बर के अनुसार केंद्रीय कैबिनेट एसयूवी या लग्ज़री कारों पर सेस यानी उपकर 15 फ़ीसद से बढ़ा कर 25 फ़ीसद कर सकती है.

9 सितंबर की जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस विषय पर फ़ैसला हो सकता है. 1 जुलाई को वस्तु एवं सेवाकर यानी जीएसटी लागू हो जाने के बाद कारों की दामों में काफ़ी गिरावट दर्ज की गई थी.

जीसीएटी के तहत कारों पर 28 फ़ीसदी टैक्स लगता है. जिसके बाद सेस मिला कर कुल टैक्स 43 फ़ीसद का बनता है.

कारों पर लगने वाले सेस बढ़ा तो ये बढ़ कर 53 फ़ीसद तक आ जाएगा यानी स्थिति कुछ वही हो जाएगी जो जीएसटी के लागू होने से पहले थी.

राजनिवास पर ‘आप’ विधायकों का धरना

मोहल्ला क्लीनिकइमेज कॉपीरइटMONEY SHARMA/AFP/GETTY IMAGES

‘दैनिक जागरण’ ने ख़बर छापी है कि दिल्ली में एक हज़ार मोहल्ला क्लीनिक के निर्माण करने की योजना को मंज़ूरी देने की मांग को लेकर बुधवार देर शाम तक आम आदमी पार्टी के विधायक राजनिवास में धरने पर बैठ गए.

अख़बार के अनुसार विधायकों से इस रवैये के कारण राजनिवास के भीतर और बाहर माहौल काफी गरम रहा.

ग्रेटर कैलाश के विधायक सौरभ भारद्वाज ने मोहल्ला क्लिनिक से जुड़े मामले में बातचीत के लिए उपराज्यपाल अनिल बैजल से समय मांगा था और अपने साथ तीन विधायकों के आने की बात की थी.

लेकिन मुलाकात के समय क़रीब 45 विधायक वहां पहुंच गए.

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