रेलवे के खाने में छिपकली बिरयानी का मामला: ठेका तो रद्द, पर यात्री के शारीरिक नुकसान का क्या?

373

ट्रेनों में यात्रियों को परोसे जाने वाले भोजन की क्वॉलिटी की तस्वीर उस वक्त सामने आई, जब एक यात्री को परोसी गई वेज बिरयानी में छिपकली पाई गई। इसके बाद यात्री की तबीयत भी खराब हुई, जिसकी वजह से उसे दवा लेनी पड़ी। इसके बाद बैकफुट पर आए रेलवे बोर्ड ने ट्रेन में भोजन सप्लाई करने वाले ठेकेदार का ठेका रद्द करने का ऐलान कर दिया।

 

इसके साथ ही अब रेलवे ने चुनींदा राजधानी, शताब्दी और दुरंतो ट्रेनों में यात्रियों को विकल्प देने का फैसला लिया है कि अगर यात्री चाहें तो रेलवे का भोजन लेने से इनकार कर दें। ऐसी स्थिति में टिकट जारी करते वक्त पैसेंजर से भाेजन का पैसा नहीं लिया जाएगा।

सीएजी की रिपोर्ट से हुआ खुलासा
ट्रेन में खाने में छिपकली मिलने का यह मामला सीएजी की रिपोर्ट के एक सप्ताह के भीतर सामने आया है। पिछले ही सप्ताह सीएजी की रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया था कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में परोसे जाने वाले खाने की क्वॉलिटी कितनी खराब है। हालांकि, इसके बाद रेलवे ने दावा किया कि वह सुधार के लिए कदम उठा रहा है लेकिन मंगलवार को बिरयानी में छिपकली निकलने का मामला सामने आ गया।

 

पूर्वा एक्सप्रेस के फर्स्ट क्लास बोगी में आई छिपकली बिरयानी
इंडियन रेलवे के सूत्रों के मुताबिक बिरयानी में छिपकली मिलने का मामला पूर्वा एक्सप्रेस में सामने आया। ट्रेन नंबर 12303 के फर्स्ट क्लास में यात्रा कर रहे वकील संतोष कुमार सिंह ने अपने लिए वेज बिरयानी का ऑर्डर किया। उन्हें बिरयानी में छिपकली दिखी। इसके बाद उन्होंने कैटरिंग स्टाफ को इसकी जानकारी दी और बिरयानी की फोटो भी ट्वीट करते हुए रेलमंत्री सुरेश प्रभु को टैग कर दी। बाद में इस यात्री की तबीयत खराब होने पर उसे दवा भी दी गई।

 

कांट्रैक्टर आर.के. असोसिएटस का ठेका रद्द, पहले भी लगा था जुर्माना
इस मामले के सामने आने के बाद रेलवे ने इस ट्रेन में खाना परोसने वाले कांट्रैक्टर आर.के. असोसिएटस का ठेका रद्द करने का फैसला किया है। महत्वपूर्ण है कि इसी ठेकेदार के खिलाफ पिछले साल भी खराब खाने की शिकायतें आई थीं। उस वक्त रेलवे ने इस पर क्रमश 10 लाख और साढ़े सात लाख रुपये का जुर्माना ठोंका था।

अब रेलवे अपने बचाव में दावा कर रही है कि उसने भोजन की क्वॉलिटी को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रखी है। इसी वजह से उसने इस साल जनवरी से अब तक ट्रेनों में खाना परोसने वाले 12 ठेकेदारों के ठेके रद्द किए हैं।

अब नया विकल्प
इंडियन रेलवे बोर्ड के सदस्य ट्रैफिक मोहम्मद जमेशद का कहना है कि रेलवे खाने की क्वॉलिटी सुधारने पर तो काम कर ही रहा है, साथ ही अब उसने यात्रियों को यह विकल्प देने का फैसला किया है कि अगर वे चाहें तो चुनींदा राजधानी, शताब्दी व दुरंतो में सफर के दौरान रेलवे का खाना लेने से इनकार कर सकते हैं। इनमें से छह शताब्दी और सात राजधानी तथा दुरंतो ट्रेनें शामिल हैं।

 

फिलहाल इन ट्रेनों की कैटरिंग की जिम्मेदारी अभी रेलवे की कंपनी IR के जिम्मे है। इन ट्रेनों में टिकट बुक कराते वक्त ही यात्री विकल्प चुनेगा कि वह खाना लेना चाहता है या नहीं। जो यात्री नहीं लेना चाहेंगे, उनके टिकट में खाने की राशि नहीं जोड़ी जाएगी।

Our Sponsors
Loading...