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कुछ दुर्लभ व असाधारण रत्न जिनका प्रभाव आपको कर सकता है चकित
प्राचीन काल से ही भारत समेत कई अन्य देशों में रत्नों को विशेष महत्व दिया जाता रहा है. इसका प्रमुख कारण है कि रत्नों को अगर प्राण प्रतिष्ठित कर दिया जाए तो इनसे अविश्वसनीय कार्य बड़ी सरलता पूर्वक लिए जा सकते हैं.
वर्तमान समय में चाहे नेता हों या अभिनेता, रत्न सबकी पहली पसंद रहे हैं. लेकिन ज्यादातर देखने में मिलता है कि आजकल आम प्रचलन में चल रहे रत्न जैसे मूंगा, मोती, पुखराज, नीलम, माणिक, जरकन, गोमेद, पन्ना इत्यादी प्रभावहीन होते जा रहे हैं.
लोग हजारों रूपए खर्च करके उच्च से उच्च कोटि के रत्न खरीदते हैं, विधि विधान से उनका पूजन, प्रतिष्ठा, दान इत्यादि करने के बावजूद भी ये रत्न अपना विशेष प्रभाव नहीं दे पाते. लाभ हो ना हो पर ये रत्न हानि जरूर कर जाते हैं.
ऐसा इसलिए होता है कि ये कलयुग है. भगवान श्री कृष्ण के वचन थे कि कलयुग में मंत्र व अन्य प्रभावशाली वस्तुएं प्रभावहीन हो जाऐंगी. इनकी जगह असुरी शक्तियों व प्रबल ताकतवर वस्तुएं अपना अधिकार जमा लेंगी. उदाहरण के तौर पर गांधारी के श्राप के चलते जब द्वारका नगरी डूब रही थी तब श्री कृष्ण के आदेश पर द्वारका की सब आवाम को जब अर्जुन हस्तिनापुर ले जा रहे थे तो रस्ते में कुछ लुटेरों द्वारा द्वारका वासीयों पर हमला बोल दिया गया. जब अर्जुन उनकी रक्षा के लिए अपने चमत्कारी बाणों का प्रयोग करने लगे तब उन्हें ज्ञात हुआ कि उनके बाण तथा सब विद्या क्षीण हो चुकी थी.
इसिलिए सदियों से चले आ रहे ये प्रभावशाली रत्न भी अब अपना वो शक्तिशाली अस्तित्व खो चुके हैं. इनकी जगह आज के वक्त में कुछ ऐसे रत्न ले रहे हैं जो न सिर्फ प्रभावशाली हैं बल्कि इन्हें प्राणप्रतिष्ठित भी करने कि जरूरत नहीं पड़ती. जिस जातक को ये रत्न धारण करवाना हो मात्र उसके नाम का संकल्प करवा कर यदि उसे पहना दिए जाएं तो ये रत्न अति शीघ्र अपना प्रभाव दिखाते हैं और कम से कम १७ साल तक प्रभावी रहते हैं.
आज हम आपको उन्हीं रत्नों की जानकारी देंगे जिनकी आज के वक्त विदेशों में अत्यधिक डिमांड भी है और इनके प्रभाव से साधारण व्यक्ति भी ग्रह दोषों या कुंडली के तमाम दोषों का नाश करते हुए असीम व अतुल्य सुखों की प्राप्ति कर सकता है.
१) सूर्य रत्न ओरेंज हकीक
यह रत्न लाईट ओरेंज कलर का अपारदर्शी रत्न होता है. यह प्रशांत महासागर में पाया जाने वाला दुर्लभ रत्न है.
इसे विशेष तौर पर सूर्य जनित दोषों को दूर करने, सरकार व सत्ता से लाभ उठाने, सरकारी नौकरी प्राप्त करने, पिता के अच्छे स्वास्थय के लिए, नेत्र रोग, सिर दर्द, सर्वाईकल, माईग्रेशन, डिप्रैशन, से निदान के लिए, पैतृक संपत्ती प्राप्ती तथा डूबते हुए बिजनैस व पैसों की रिकवरी हेतु धारण किया जाता है. इस रत्न की मियाद १८ वर्ष है.
२) चन्द्र रत्न दूधिया हकीक
यह सफेद रंग का अपारदर्शी रत्न है. इसे विशेषतः चन्द्र से संबन्धित दोषों को दूर करने, हृदय रोगों से बचाव के लिए, माता के अच्छे स्वास्थय, मैडिकल व डाक्टरी लाईन में परीक्षा उत्तीर्ण करने हेतु, तरल पदार्थों के व्यवसाय में लाभ तथा मन की शांती एवं क्रोध दूर करने के लिए सफेद गोल्ड में धारण किया जाता है.
३) मंगल रत्न रैड हकीक
यह सऊदी अरब व लाहौर से मिलने वाला रत्न गहरी लालिमा लिये होता है. इस स्टोन को हिलाने से इसके अन्दर द्रव्य हिलते हुए प्रतीत होता है.
इसे मुख्यतः जमीनी कार्यों में सफलता, मुकद्मे में विजय प्राप्ती, ब्लड प्रैशर, ब्लड से रिलेटिड प्रोब्लमस, स्त्रीयों के उदर रोग/ यूटरैस्स में सूजन, किडनी स्टोन, मूत्र व पेट के इन्फेक्शन, मर्दाना कमजोरी, गुप्तांग से सम्बन्धित रोग, व साहस प्राप्ति हेतु धारण किया जाता है.
४) बुध रत्न ग्रीन मैटल स्टोन
बुध ग्रह को ज्योतिषी भाषा में नंपुसक ग्रह माना जाता है. यह जिस ग्रह के साथ उपस्थित हो उसीका फल देता है. जहां बुध सूर्य के साथ बुधादित्य योग बनाता है वहीं अगर बुरे ग्रहों से दृष्ट या शत्रु भाव में हो तो उसकी महादशा में ज्ञानी से ज्ञानी पुरूष की वाणी में भी दोष उतपन्न हो सकता है तथा बुद्धि क्षीण हो जाती है.
ग्रीन मैटल हरे रंग का पारदर्शक रत्न इटली के तटीय क्षेत्रों में पाया जाता है. इसे बुध के दोषों को शांत करने के अलावा, गणित व दिमागी कार्यों में दक्षता हेतु, लेखन पठन पाठन, तीव्र यादाशत, वाणी में मधुरता लाने तथा प्रतियोगताओं में सफलता प्राप्ति हेतु धारण किया जाता है.
५) गुरू रत्न पीला अकीक
यह रत्न भी अपारदर्शक होता है. इसे खासतौर पर विद्या, धर्म अध्यात्म में सफलता हेतु, चमड़ी के रोगों से निदान, लड़कियों के शीघ्र विवाह हेतु, नौकरी में प्रमोशन पाने हेतु धारण किया जाता है.
६) शुक्र व शनि रत्न लैपिज लाजूली स्टोन
यह रत्न दो रंगों में पाया जाता है। भारत में गहरे नीले रंग व भारत से बाहर के देशों में काले रंग में मिलता है। दोनों की अपनी अलग विशेषताएं हैं।
गहरे नीले रंग का लैपिज पुरूष इस्तेमाल कर सकते हैं खासकर शनि व शुक्र से संबंधित दोषों के नाश हेतु, स्त्री सुख, विपरित लिंगी का आकर्षण पाने के लिए, विदेश यात्रा, बिजनेस में बढ़ोतरी, भगवान भैरव की कृपा पाने, दुर्घटनाओं तथा आकस्मिक होने वाले नुक्सानों को दूर करने, जोड़ों के दर्द, शरीर को बलिष्ठ व सुडौल बनाने तथा दरिद्रता दूर करने के लिए पहना जाता है.
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वहीं दूसरी और काले रंग का लैपिज महिलाएं इस्तेमाल कर सकती हैं। इसे ज्यादातार ब्लैक मैजिक से सम्बन्धित दोषों को दूर करने, शरीर के अंगों का शिथिल होना या अविकसित होना, अनिद्रा, कद या बाल बढ़ाने, अथवा त्वचा से सम्बन्धित दोषों के लिए पहना जा सकता है।
७) राहु रत्न बलैक गन मैटल
बलैक गन मैटल विशेष तरह का अत्यंत प्रभावी रत्न है. इसे मुख्यत: राजनिति, तथा अभिनय में दक्ष होने व बलैक मैजिक के प्रभाव को पूर्णतया खत्म करने के लिए धारण किया जाता है.
जिनपर ब्लैक मैजिक का प्रभाव अत्यधिक हो, घर परिवार में सब रोग ग्रस्त हों, आत्मा व प्रेत की समस्या आदि से छुटकारा पाने के लिए धारण कर सकते हैं. इस से जातक को पता चल सकता है कि किस वयक्ति ने उनपर या उनके परिवार पर बलैक मैजिक का प्रयोग किया है.
इसके अलावा, फिल्मी दुनिया में अभिनय के लिए कदम रखने जा रहे नव युवाओं व स्त्रीयों के लिए यह रत्न वरदान साबित होता है.
ईंजनयरिंग, तंत्र विद्या में सफलता, शरीर के ऐसे रोग जो डाक्टरी समझ से बाहर हों अथवा जिनपर मैडिकल दवाईयां असर ना करती हों, आत्माओं को अपने वश में करने हेतु, अचानक धन लाभ, गढ़े धन का पता लगाने, जुआ लाटरी सट्टा में विजय प्राप्ति हेतु भी धारण किया जा सकता है.
सर्व प्रथम यह रत्न पंजाब प्रांत के शेरगढ़ के नजदीक एक गांव के किसी व्यक्ति ने घर परिवार की गरीबी व दरिद्रता को दूर करने के लिए किसी मौलवी के कहने पर धारण किया था.
कहा जाता है कि इस रत्न को धारण करने के पश्चात उनके घर परिवार की स्थिति में आशातीत लाभ दिखना शुरू हो गया था. इतना ही नही, यही व्यक्ति वर्ष २००५-०६ में भारतीय सरकार द्वारा जारी की गई १ करोड़ की लॉटरी का विजेता भी घोषित हुआ था.
यह रत्न अन्य रत्नों की तुलना में थोड़ा महंगा होता है.
राजनेता कपिल सिब्बल जी ने यह रत्न मध्यम उंगली में धारण किया हुआ है.
८) केतु रत्न ब्राऊन लैपिज स्टोन
यह रत्न केतु जनित दोषों की शांति हेतु, कमर से निचले भागों की समस्या के लिए, पैरालैस की समस्या, आलौकिक शक्तियों तथा साधना में सफलता हेतु, कुंडली के काल सर्प दोष, ग्रहण दोष के निवारण के लिए, सैन्य, फौज, वायुयान, पुलिस विभाग, जल सेना की नौकरीयों हेतु, जादू टोना का प्रभाव खत्म करने तथा पलटवार करने हेतु धारण किया जाता है.
इन रत्नों की खासियत यह है कि एक तो यह तुरंत प्रभाव देते हैं और दूसरी सबसे अहम बात, इनका किसी भी राशी के जातक को कोई साईड इफेक्ट नहीं होता. लेकिन दूसरे रत्नों की तरह यह रत्न भारत में हर जगह उपलब्ध नहीं होते. लोगों को इनकी जानकारी के अभाव में दुकानदार नकली रत्न बेच देते हैं.
आप भी इन रत्नों को अपनी निजि जिंदगी में इस्तेमाल कर आशातीत लाभ कमा सकते हैं.
इन रत्नों को कब, कैसे धारण करें, तथा ये कहां से प्राप्त होंगे इसके बारे में अधिक जानकारी हेतु +919779653791 पर व्हटसऐप्प कर सकते हैं।

 

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