भारतीय की इंडस्ट्री ग्रोथ को लगा बड़ा झटका, डा. मनमोहन सिंह ने सही कहा था – पढ़ें

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इंडस्ट्री की ग्रोथ को झटका लगा है। आईआईपी ग्रोथ में गिरावट दर्ज की गई है। मई में आईआईपी ग्रोथ घटकर 17 फीसदी रही है। आईआईपी ग्रोथ नवंबर 2016 के बाद से सबसे निचले स्तरों पर आ गई है। वहीं अप्रैल में ग्रोथ 28 फीसदी रही थी व अप्रैल में 31 फीसदी से संशोधित कर 28 फीसदी की गई है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की ग्रोथ 26 फीसदी से घटकर 12 फीसदी रही है माइनिंग सेक्टर की ग्रोथ 42 फीसदी से घटकर -09 फीसदी रही है। हालांकि महीने दर महीने आधार पर मई में इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर की ग्रोथ 54 फीसदी से घटकर 87 फीसदी रही है।

 

ग्रोथ नवंबर, 2016 के बाद से सबसे निचले स्तर पर आया ग्रोथ
मई में आईआईपी वृद्धि दर घटकर 1.7% रह गई। आईआईपी ग्रोथ नवंबर, 2016 के बाद से सबसे निचले स्तर पर है। अप्रैल में आईआईपी ग्रोथ 2.8% रही थी। अप्रैल में आईआईपी ग्रोथ 3.1% से संशोधित कर 2.8% की गई है। आईआईपी देश के औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार को दिखाता है। खुदरा महंगाई दर में कमी तथा आईआईपी ग्रोथ में गिरावट से रिजर्व बैंक पर ब्याज दर कम करने का दबाव बढ़ेगा। रिजर्व बैंक ने खुदरा महंगाई दर का लक्ष्य अप्रैल-सितंबर के लिए 2 से 3.5% तय किया था।

 

 

इसके मद्देनजर लगातार आठवें महीने खुदरा महंगाई दर कम रही है। महीने दर महीने आधार पर जून में शहरी इलाकों की महंगाई दर 2.13% से घटकर 1.41% रही है। आंकड़ों के मुताबिक महीने दर महीने आधार पर जून में शहरी इलाकों की महंगाई दर 2.13 फीसदी से घटकर 1.41 फीसदी रही है। ग्रामीण इलाकों में महंगाई दर 2.3 फीसदी से घटकर 1.59 फीसदी रही है। खाद्य महंगाई दर 1.05 फीसदी के मुकाबले 1.17 फीसदी रही। सब्जियों की महंगाई दर 13.44 फीसदी के मुकाबले 16.53 और फलों की महंगाई दर 1.4 फीसदी से बढ़कर 1.98 फीसदी हो गई।

 

मई में आईआईपी घटकर 1.7 प्रतिशत
माइनिंग उत्पादन क्षेत्र के खराब प्रदर्शन के कारण मई में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) की वृद्धि दर गिरकर 1.7% रह गई है, जो एक साल पहले समान अवधि में 8% थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार आईआईपी पर आधारित औद्योगिक वृद्धि दर अप्रैल-मई में घटकर 2.3% पर गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 7.3% थी। आंकड़ों के अनुसार पूंजीगत वस्तु क्षेत्र में उत्पादन 3.9% घट गया, जबकि मई 2016 में इसमें 13.9% की वृद्धि हुई थी। जबकि एक साल पहले इसी महीने में इसमें 5.7 फीसदी की वृद्धि हुई थी।

 

डा. मनमोहन सिंह का मजेदार ट्वीट, पढ़ें
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह ने इस मामले पर एक मजेदार ट्वीट किया है। डा. मनमोहन सिंह ने कहा कि, “लोगों को बिल्कुल भी घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है, मोदी राज में यह ग्रोथ रेट आने वाले समय में आप लोगों को बहुत फायदा देगा। यानी की वर्ष 2050 तक यह डेमोनेटिज़ेशन बड़े पैमाने पर लोगों की मदद करेगा। इसलिए 2050 तक इंतज़ार कीजिये, तब तक ऐसे ही महंगाई  ज़िन्दगी जियो और ऐश करो।”

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