यूपी में दस लाख छात्रों ने छोड़ी बोर्ड परीक्षा, कहा ”जब पकौड़े ही तलने हैं तो परीक्षा क्यों दे?”

2015

एजेंसी. यूपी-बिहार की बोर्ड परीक्षाएं मतलब सालाना सामूहिक नक़ल सम्मलेन। पिछले कई सालों से हर बोर्ड परीक्षा के समय नक़ल कराने वाले माफिया सक्रिय हो जाते हैं। जो छात्र कई बार पहले बोर्ड परीक्षाओं में अनुत्तीर्ण रहे हैं ऐसे छात्र इन माफियाओं का शिकार बन जाते हैं। पर इस वर्ष योगी आदित्यनाथ की सरकार ने नक़ल पर नकेल कसने का प्लान बना लिया है। इसी के चलते कई छात्रों ने परीक्षा न देने का फैसला लिया।

पढ़ाई छोड़ पकोड़े तलता छात्र
पढ़ाई छोड़ पकोड़े तलता छात्र


योगी सरकार का कहना है कि इस कार्रवाई के चलते ही बच्चे परीक्षा देने से कतरा रहे हैं।  पर जब हमने कुछ छात्रों से बात की तो कुछ और ही तस्वीर सामने आई। दसवीं कक्षा में चौथी बार परीक्षा दे रहे छात्र लोटनलाल से जब हमने बात की तो उसने हमें बताया कि ”जब मोदी जी इतना पढ़ाई करने के बाद बच्चों से पकौड़े ही तलवा रहे हैं तो ये काम तो हम बिना मेट्रिक पास किये भी कर सकते हैं। हमारी गली में बिरजवासी की दुकान पे मंटूआ काम करता है वो तो बस दुसरी ही पास किया है।”

कई और बच्चों का भी यही कहना है कि वो यही सोच कर परीक्षा नहीं दे रहे कि बड़े होकर जब उनको नौकरी नहीं मिलेगी तो पढ़ के क्या फायदा है। एक और छात्र ने बताया ”हम तो परीक्षा वाले दिन ही पकौड़े तलना सीख रहे थे। हमें तो लगता है कि परीक्षा में अगर पकौड़े से सम्बंधित सवाल पूछेंगे तो हम सभी लोग 100 में 100 लेकर आ सकते हैं।”

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