तेजस्वी यादव की ‘जनादेश अपमान यात्रा’ की भीड़ देखकर बीजेपी-जेडीयू के छूटे पसीने

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नीतीश कुमार ने अपनी कथित अंतरात्मा की आवाज सुनकर पाला बदला और दोबारा सरकार बना ली। नीतीश कुमार ने भले ही इस दल बदल की राजनीति को अपनी चतुराई समझी हो लेकिन सुशासन बाबू की इस चतुराई ने बिहार को एक नया उर्जावान ‘तेजस्वी’ नेता दे दिया। नीतीश कुमार के गठबंधन तोड़ने वाले दिन से ही तेजस्वी यादव में गजब की राजनीतिक परिपक्वता आई।

 

 

अब तेजस्वी यादव राजनीति की अपनी अगली पारी शुरुआत करने निकल पड़े हैं। तेजस्वी यादव ने बिहार की राजनीति के मैदान में खुद को तपा कर कुंदन बनाना शुरू कर दिया है। फिलहाल तेजस्वी “जनादेश अपमान यात्रा”का नेतृत्व कर रहे हैं। इस अपमान यात्रा का मकसद तो बिहार की जनता का नब्ज टटोलना है लेकिन हैरानी की बात है कि इस काफिले में लोगों का जमावड़ा बढ़ता ही जा रहा है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि, ‘जनता के प्यार और समर्थन के आगे नतमस्तक हूं। धन्यवाद बिहार की न्यायप्रिय जनता को, बिहार की न्यायप्रिय जनता में ग़ज़ब आक्रोश है। नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘दिन-दहाडे नीतीश कुमार ने जनादेश की पीठ में ख़ंजर घोंपा। जनता इस विश्वासघात का करारा जवाब देगी। ये बुलाई गई नहीं नीतीश कुमार जी द्वारा ठगी हुई जनता है। इसी जनता द्वारा दिए गए अपार जनादेश पर नीतीश कुमार ने दिन-दहाड़े डाका डलवा दिया।’

यात्रा में भारी भीड़ से उत्साहित तेजस्वी ने ट्विटर पर लिखा, ‘सड़क किनारे के सारे के सारे गाँव जोश और ज़ुनून के साथ मैदान में है। जनादेश का अपमान जनता नहीं सहेगी। हिम्मत है तो आओ चुनावी मैदान में, जनता में बेहद आक्रोश है। नीतीश जी मे हिम्मत है और अपने निर्णय पर गुमान है तो इस महीने बिहार घूम कर देख लें, अंतरात्मा का दर्शन भी हो जाएगा।’

 

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