GST का साइड इफेक्ट: MP की 10 बड़ी सीमेंट फैक्ट्रियां बंद, 200 करोड़ की सीमेंट डंप

1289

भारतभूषण श्रीवास्तव @ सतना। जीएसटी की अधूरी तैयारी के कारण सीमेंट उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है। साफ्टवेयर अपडेट नहीं होने के कारण विंध्य की सीमेंट फैक्ट्रियों से पिछले चार दिन से एक बोरी सीमेंट का डिस्पैच नहीं हुआ। जिससे करीब 200 करोड़ रुपए के कारोबार का नुकसान हुआ है।

कंपनियों के मुताबिक अगले दो दिन भी ऐसे ही रहने वाले हैं। जिससे नुकसान का आंकड़ा 300 करोड़ को पार कर सकता है। यह रीजन देश का 12 फीसदी सीमेंट उत्पादन करता है। इसलिए कारोबार के नुकसान का आंकड़ा भी बड़ा है।

जीएसटी के साफ्टवेयर के चलते हुई समस्या
जानकारों के अनुसार रीवा संभाग में सीमेंट कंपनियों की 10 यूनिट्स में उत्पादन होता है। जिनको मिलाकर औसतन हर रोज 50 करोड़ का सीमेंट सड़क पर रेल के रास्ते परिवहन के लिए डिस्पैच होता है। लेकिन 30 जून की देर रात के बाद से कंपनियों को न तो कोई आर्डर मिले और ना ही सीमेंट डिस्पैच की गई। दरअसल समस्या जीएसटी के साफ्टवेयर के चलते हुई।

यह हाल संभाग के सभी सीमेंट प्लांट्स का
एक सीमेंट कंपनी के अधिकारी ने पत्रिका को बताया कि साफ्टवेयर अपडेट नहीं होने के कारण बिलिंग ही नहीं हो पाई। लिहाजा एक जुलाई से अब तक चार दिन में एक बोरी भी सीमेंट बुक नहीं की गई। हालांकि उत्पादन बंद नहीं किया गया है। क्योंकि अगले दो दिन में साफ्टवयेर अपडेट होते ही बुकिंग शुरु हो जाएगी। तो डिस्पपैच हो सकेगा। यह हाल संभाग के सभी सीमेंट प्लांट्स का है। जहां उत्पादित सीमेंट प्लांट के भीतर ही डंप हो रहा है।

 

एक भी मालगाड़ी बुक नहीं हुई
जीएसटी लागू होने के बाद विगत चार दिन के दौरान एक मालगाडी सीमेंट भी बुक नहीं की गई है। जबकि रेलवे के आंकड़े पर नजर डालें तो हर कंपनी एक माह में 20-25 मालगाड़ी सीमेंट या क्लिंकर बुक करती है।
सीमेंट नेटवर्क में ही उलझन
जीएसटी लागू होने के बाद हर कंपनी में नए टैक्स के साथ अपडेशन का काम शुरू हो गया है। सॉफ्टवेयर से लेकर मैन्यूअल आंकड़े तक में संशोधन किया जा रहा है। बिल-बुक सहित कागजातों को नए सिरे से प्रिंट कराने का काम जारी है। ये हालात डिस्ट्रीब्यूटर, रिटेलर व ट्रांसपोर्टर के यहां भी बने हुए हैं। इसके चलते कंपनियों में उत्पादन तो हो रहा है लेकिन सीमेंट की सप्लाई ठप है।


हर यूनिट से 10 हजार टन सीमेंट का उत्पादन
सीमेंट इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के अनुसार संभाग की सक्रिय हर यूनिट से प्रतिदिन 10 से 12 हजार टन उत्पादन होता है। साफ है कि कुल क्षमता के मुताबिक हर रोज एक लाख टन सीमेंट तैयार होती है और डिस्पैच भी की जाती है। जिसकी कीमत 50-55 करोड़ होती है। विगत चार दिन से सप्लाई बंद है, इस तरह से 200 करोड़ रुपए से ज्यादा का व्यापार प्रभावित है।

ये भी पढ़ें

जीएसटी से परेशान इस दुकानदार ने जमकर न‍िकाली भड़ास- मोदी को हमने बनाया या मोदी ने हमें बनाया

 

प्रभावित हो सकता है सीमेंट का उत्पादन
सीमेंट कंपनी से जुड़े अधिकारी की मानें तो अगर ये हालात एक सप्ताह से ज्यादा खिंचता है, तो सीमेंट का उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। कारण यह है कि कंपनियों के पास भंडारण की सीमा है। वे उत्पादन कर रही हैं, लेकिन सप्लाई नहीं कर पा रही हैं। जैसे ही भंडारण क्षमता खत्म होगी, उत्पादन रोकना पड़ेगा।

Our Sponsors
Loading...