हत्यारी भीड़ के खिलाफ असदुद्दीन ओवैसी ने उठाया ऐसा कदम, जानकर करोगे सलाम

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हैदराबाद से सांसद और ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भीड़ द्वारा की जा रही हिंसा और पीट पीट कर हत्या ‘मॉब लिंचिंग’ किये जाने की घटनाओं के खिलाफ संसद में एक निजी विधेयक पेश करेंगे।

 

औवैसी ने कहा कि इस विधेयक को वे जल्द ही लोकसभा में पेश करेंगे और इसके लिए लोकसभा सचिवालय को नोटिस भी दे दिया है। इस विधेयक में भीड़ द्वारा की जाने वाली हिंसा की रोकथाम और उसके लिए दंड दोनों का प्रावधान है। ओवैसी ने यह भी बताया कि लोकसभा सचिवालय ने विधेयक संबंधी उनका नोटिस स्वीकार भी कर लिया है। गौरतलब है कि देश के विभिन्न हिस्सों में गौ रक्षकों के हमले और पीट-पीट कर हत्या किये जाने की घटनाओं के विरोध में असदुद्दीन औवैसी काफी मुखर रहे हैं।

 

अयोध्या मामला और राम मंदिर के बारे में एक प्रश्न के उत्तर में ओवैसी ने कहा कि हमारा हमेशा से कहना रहा है कि जिस तरह से 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद को गिराया गया , कानून की धज्जियां उड़ाई गई, वैसा दोबारा नहीं होगा। न तो यह मुल्क और न ही सुप्रीम कोर्ट किसी को ऐसी इजाजत देगा।

 

उन्होंने कहा कि जहां तक मुस्लिम पर्सनल लॉ का रूख है, यह पूरी तरह से साफ है। अब इस बारे में कोई बातचीत नहीं होगी। जब वी पी सिंह प्रधानमंत्री थे, जब चंद्रशेखर प्रधानमंत्री थे और जब देवेगौड़ा और आई के गुजराल प्रधानमंत्री थे, तब भी इस बारे में बातचीत की कोशिशें हुई। एमआईएमआईएम सांसद ने कहा कि हर बार कोशिशें हुई, लेकिन इसका कोई परिणाम नहीं निकला। नाकामी मुसलमानों की तरफ से नहीं हुई बल्कि दूसरे तरफ से हुई। जो आरएसएस के लोग थे, उनके तरफ से हुई।

आपको बता दें कि बुधवार को मॉब लिंचिंग के मुद्दे पर राज्यसभा में बहस शुरू हुई थी। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने बहस की शुरुआत की थी। इस बीच उन्होंने जुनैद का मुद्दा उठाया। आजाद ने इस के अलावा और कई मुद्दे उठाये। आजाद ने कहा कि मैं इस मुद्दे पर सरकार को ही निशाना नहीं बना रहा हूं, कई मुद्दों में यह सामने नहीं आया है कि किस पार्टी का हाथ शामिल है।

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