गुजरात के सरकारी इंजीनियर ने किया कुछ ऐसा कि सुनकर उड़ जाएंगे आपके होश

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पीएम मोदी और उनकी पार्टी बीजेपी लोकसभा चुनाव या विधानसभा चुनावों में कानून-व्यवस्था का राग अलापती रहती है। मोदी और उनके नेता सभी चुनावों के प्रचार में कानून-व्यस्था को सख्ती से लागू करने की बात जरूर करते हैं। पिछले दो दशकों से पीएम मोदी के गुजरात में बीजेपी की सरकार है। मोदी करीब 13 सालों तक गुजरात के मुख्यमंत्री भी रहे और आज भी वहां बीजेपी की ही सरकार है। ऐसे में यहां कानून-व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं है।

 

आपको बता दें कि यहां एक सरकारी इंजीनियर पर सर्टिफिकेट जारी करने को लेकर बिल्डर से घूस में भारी रकम मांगने का आरोप है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सर्टिफिकेट के लिए वडोदरा अर्बन डेबलपमेंट अथॉरिटी (वीयूडीए) के प्लानिंग असिस्टेंट इंजीनियर आरसी शाह ने एक बिचौलिए के जरिए बिल्डर से चार लाख रुपए मांगे थें। राजकोट के बिल्डर के मुताबिक आर्किटेक्ट चिराग पटेल पैसे की मांग करने में मध्यस्थता कर रहा था।

 

रिपोर्ट के मुताबिक बिल्डर ने बिल-पडरा रोड के पास एक जमीन का टुकड़ा साल 2010 में खरीदा था। वीयूडीए से अनुमति मिलने के बात इस जमीन पर बिल्डर ने साल 2011 में निर्माण कार्य शुरू कर दिया। वर्ष 2016 में जब निर्माण कार्य पूरा हो गया। इसके बाद सर्टिफिकेट के लिए बिल्डर शाह के पास गया। बिल्डर द्वारा पुलिस को दिए शिकायत में उसने कहा कि आवेदन करते वक्त 74,600 रुपए भी जमा किए।

 

5 जुलाई को उसने बचे 2.22 लाख रूपए जमा कर दिया। अगले दिन जब उसने सर्टिफिकेट के लिए शाह से संपर्क किया तो शाह ने कहा कि अगर उसे सर्टिफिकेट चाहिए तो और पैसे देने होंगे। इसके बाद शाह ने बिल्डर से कहा कि वह पटेल से संपर्क करे। इसके बाद बिल्डर ने 13 जुलाई को आर्किटेक्ट पटेल से संपर्क किया और उससे सर्टिफिकेट की स्थिति के बारे में पूछा।

 

पटेल ने बिल्डर से कहा कि वह शाह से बात कर जानकारी देगा। दो दिनों के बाद शिकायतकर्ता बिल्डर ने पटेल को फोन किया तो पटेल ने सर्टिफिकेट जारी होने के लिए 4.2 लाख रुपए और देने की मांग कर दी। इस बीच पेरशान बिल्डर ने एसीबी को इस घटना की जानकारी दी। एसीबी स्टाफ ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

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