नीतीश सरकार ने दी शराबबंदी में ढील, बिहार में पाइप लाइन से होगी शराब की सप्लाई, कनेक्शन के लिए मांगे आवेदन

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बिहार के लोगों के लिए अच्छी खबर। खबर क्या है ये आपको बाद में बताएंगे, पहले बताते हैं इस खबर के असर के बारे में। खबर की जानकारी मिलते ही बिहार के लोगों के चेहरे ठीक उसी तरह खिल उठे, जिस तरह सरकार में शामिल होते ही बिहार भाजपा के नेताओं के चेहरे ख‍िल उठे थे। अगर आप सोच रहे हैं मोदी सरकार ने बिहार के लोगों को 15 लाख रुपए दे दिए तो साफ कर दें क‍ि ऐसा कुछ नहीं है।

 

 

बात यह है क‍ि नीतीश सरकार ने शराबबंदी के बाद ब‍िहार के लोगों के सूखते हलक का दर्द महसूस क‍िया है और शराबबंदी में ढील देने का फैसला क‍िया है। इसके तहत शराबबंदी के दायरे की परि‍भाषा बदली गई है। अब राज्‍य में शराबबंदी का मतलब शराब पीने पर रोक नहीं होगी, बल्‍क‍ि शराब की दुकानें खोलने पर रोक होगी। लोगों को शराब उनके घर तक पाइप के जर‍िए सप्‍लाई की जाएगी। तर्क है क‍ि इससे राजस्‍व हानि से बचा जा सकेगा और शराबबंदी का मकसद भी हास‍िल कर ल‍िया जाएगा, क्‍योंक‍ि घर पर बीव‍ियां अपने पतियों को शराब पीने नहीं देंगी।

 

नीतीश सरकार बिहार में पाइप लाइन से शराब की सप्लाई करने जा रही है। इसके लिए कनेक्शन के लिए लोगों से आवेदन मांगे गए हैं। यह खबर आम होते ही सड़कों पर कई किलोमीटर लंबी लाइन लग गई। कुछ लोग कहते हैं लाइन शुरू तो ब‍िहार से हुई, पर दिल्ली की सीमा को छू गई। यह जानकारी लगते ही दिल्ली के प्रधानमंत्री और भारत के मुख्यमंत्री श्री केजरीवाल चुप नहीं रह सके। उन्‍होंने कई द‍िनों का मौन तोड़ते हुए नीतीश सरकार को कहा क‍ि वह अपने लोगों को समेट लें और द‍िल्‍ली की सीमा नहीं लांघने दें। उधर, भगवंत मान ने कहा कि वह इस मामले पर नजर रखे हुए हैं।

 

बता दें, कुछ समय पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सूबे में शराब बंद कर दी, जिसके बाद उन्‍हें चुनाव में जीत म‍िली और कई लोगों ने सरकार पर कई तरह के आरोप भी लगाए। बिहार की राजधानी पटना के रहने वाले कुल्लू प्रसाद ने कहा कि शराब पर बैन लगाकर नीतीश ने राज्य के लोगों का भविष्य खराब कर दिया। यह भी आरोप लगाया गया कि अब बिहार में अंग्रेजी बोलने वालों की संख्‍या काफी कम हो गई है। इन सब आरोपों से बचने के ल‍िए नीतीश सरकार ने नया रास्‍ता न‍िकाला है। ब‍िहार सरकार की नई स्‍कीम मेें विजय माल्या को भी काफी संभावनाएं द‍िखाई दी हैं।

 

 

बताया जाता है क‍ि उन्‍होंने पूरे राज्‍य में पाइपलाइन ब‍िछाने का ठेका लेने के ल‍िए अपने आदमी सक्र‍िय कर द‍िए हैं। उन्‍होंने इसके ल‍िए बैंकों से भी संपर्क साधा, पर जब कहीं से लोन नहीं म‍िला तो उन्‍होंने इरादा छोड़ द‍िया और कहा क‍ि वह राहुल गांधी की भावनाओं का ख्‍याल रखते हुए ब‍िहार में अपना कारोबार नहीं चलाएंगे। उनके मुताब‍िक राहुल गांधी चाहते हैैं क‍ि ब‍िहार में पहले आलू की फैक्ट्री लगेगी, उसके बाद ही किसी और चीज की फैक्ट्री पर चर्चा की जाएगी।

(नोटः इस खबर का सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। यह खबर सिर्फ आपको हंसाने के लिए लिखी गई है।)

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