भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनकर मजे लूट रहा नटवर लाल गिरफ्तार

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ग्रेटर नोएडा की बादलपुर कोतवाली पुलिस ने फर्जी भाजपा नेता गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को भाजपा युवा मोर्चा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बताकर अधिकारियों पर ट्रांसफर पोस्टिंग का दबाव बनाता था। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी पहले कई बार फर्जी आईपीएस, आईएएस बनकर पुलिस कर्मियों को फोन कर चुका है। महाराष्ट्र के गवर्नर का फर्जी एडीसी बनकर महाराष्ट्र के पांच सितारा होटल में ठहरा था।

एसएसपी लव कुमार ने बताया कि लगातार जानकारियां मिल रही थीं कि कोई व्यक्ति भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनकर घूम रहा है। लोगों को नौकरी, फैक्ट्री में ठेका, सरकारी कर्मचारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग कराने का झांसा दे रहा है। मंगलवार की रात बादलपुर कोतवाली प्रभारी केके राणा ने इस फर्जी भाजपा नेता देवेंद्र को गिरफ्तार किया। यह मूल रूप से अमरोहा के गांव मनोटा का रहने वाला देवेंद्र है। बादलपुर की एक फैक्ट्री में कुछ युवकों की नौकरी लगाने के लिए प्रबंधन पर दबाव बना रहा था। देवेंद्र के पास से भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर नियुक्ति पत्र, लेटर हेड, चार सिम कार्ड, छह एटीएम, एक इटियोस कार, पास बुक और चेक बुक बरामद की गई हैं।

एसएसपी ने बताया कि देवेंद्र ने भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के नाम से एक फर्जी अकाउंट भी सोशल साइट पर बनाया था। अभी हापुड़ में रह रहा था। वहीं से दिल्ली-एनसीआर में फर्जीवाड़ा कर रहा था। पुलिस को जांच के दौरान पता चला है कि आरोपी भाजपा के अन्य नेताओं का लेटर हेड भी अपने पास रखता था और उस पर फर्जी हस्ताक्षर करता था। नौकरी के लिए भटकने वाले युवकों से रुपये लेकर आरोपी उनकी नौकरी लगवाता था।

छेवेंद्र के पास जो कार और पास बुक बरामद की गई है वो सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता (सिंचाई विभाग) मुन्ना लाल की है। उनसे आरोपी ने दो लाख रुपये ठगे थे और उनके मकान के रजिस्ट्री के कागजात भी अपने पास रख लिए थे। पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनकर सरकारी अफसरों से काम कराने के एवज में लाखों रुपये की ठगी कर चुका है। महाराष्ट्र में भी आरोपी सक्रिय रहा था। आरोपी ने ठगी के माध्यम से लाखों रुपये की कमाई की थी।

गनर की ले चुका है सुविधा

महाराष्ट्र के गवर्नर का एडीसी बनकर आरोपी होटल में ठहरने के अलावा सरकारी गनर और सरकारी गाड़ी की सुविधा भी ले चुका है। पुलिस आरोपी के इस कारनामे से हैरान है। एनसीआर में लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाने के लिए इंटरनेट का भी प्रयोग करता था। देवेंद्र यह देखता था कि किस कंपनी में कर्मचारियों की आवश्यकता है। इसी आधार पर नौकरी के लिए आवेदन करने वाले युवकों को वह नौकरी का झांसा देकर ठगी करता था। 2010 में गवर्नर का फर्जी एडीसी बताने के मामले में लखनऊ पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, वहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

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