दलित को राष्ट्रपति बनाकर खुश होने वाले मोदी ज़रा गुजरात में दलितों के साथ हो रहे नंगे नाच को तो देख लो !

651

देश में दलित के नाम पर राष्ट्रपति तो बना दिए जाते हैं लेकिन आम दलितों के साथ क्या हो रहा है देश में उसकी किसी को कोई फ़िक्र नही है. बात गुजरात की है, जहाँ दलितों के साथ ऐसी घटना घटी जो इंसानियत और मानवता जैसे शब्दों का बलात्कार करते हैं. गुजरात का जिक्र आता है तो मोदी का नाम लिए बिना आप चैन से नही बैठ सकते.

चलिए साथ में अमित शाह का भी नाम ले लीजिये लेकिन हाथ लगे इनसे एक सवाल भी कर लीजिये कि ढोल पीटकर रामनाथ कोविंद को दलित बताकर राष्ट्रपति तो बना दिया वो भी वोट के चक्कर में लेकिन क्या देश में दलितों के साथ क्या हो रहा है उस पर भी कमी कान के परदे खुले हैं ?

चलिए आपको गुजरात का एक ऐसा वीडियो दिखाते हैं जो दलितों को लेकर है लेकिन देखने से पहले बता दें कि इस वीडियो को देखने से पहले आप तैयार हो जाईये की आपका मन व्यथित नही होगा, आप तैयार हो जाईये इंसानियत की उस सच्चाई से रूबरू होने के लिए जो सिर्फ नाम की है. सोशल मीडिया पर छा चुके इस वीडियो में दलित जोड़े के साथ बड़ी बेशर्मी के साथ तमाशा खेला जा रहा है और इस तमाशे को पूरा नही दिखाया जा सकता इसलिए इसे धुंधला किया जा चुका है.

इस वीडियो में आप देख सकते हैं कि कैसे भीड़ की शक्ल में अराजकतत्व लोग एक दलित जोड़े के कपड़ों को उतारकर उसके साथ शर्मनाक हरकत कर रहे हैं. क्या दलित होने का मतलब होता है उसके कोई अधिकार नही? आखिर ये हक़ किसने दिया आपको कि एक इन्सान दूसरे इन्सान के साथ अभद्र व्यवहार करे और वो भी सिर्फ इसलिए क्योंकि वो एक दलित है ?

वीडियो में आप देख सकते हैं कि कुछ लोग अपने कंधे पर बिना कपड़ो के दलितों को घुमा रहे हैं और तमाशा बनाकर मजे ले रहे हैं. क्या ऐसे में राष्ट्रपति दलित हो जाना काफी है ? क्या यही दलितों का विकास है कि सिर्फ वोट के लिए उनका फायदा उठाना और बाकि उनकी जिन्दगी नरक बना देना ? आखिर इन सबका जवाब कौन देगा? कौन है वो जो इनसब की जिम्मेदारी लेगा ?

Our Sponsors
Loading...