जब गाडी का इंजन ही ख़राब हो तो ड्राइवर और खलासी बदलने से क्या होगा मोदी जी !

233

मोदी सरकार में नए सिरे से मंत्रिमंडल के विस्तार की तैयारी चल रही है। कल रविवार को सुबह 11 बजे मंत्रिमंडल का विस्तार होगा। बीजेपी के सूत्रों की मानें तो मंत्रिमंडल से 15 से 20 मंत्रियों की छुट्टी होने जा रही है।

मोदी जी को अपने तमाम मंत्रियो पर रिश्वत लिए जाने तो किसी पर संपत्ति बनाने की ठोस जानकारी मिली है इसलिए वे  कुछ मंत्रियो की परफार्मैंस से खुश नहीं है हालाँकि लोकसभा चुनाव में ज्यादा समय बचा नहीं है पर आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए मोदी सरकार का यह अंतिम मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है इसमें कुछ मंत्रालयों को मर्ज करने की भी योजना है। बीजेपी  सूत्रों की मानें तो मोदी सरकार के इस सख्त रवैये और आप्रेशन सर्जरी के चलते कुछ मंत्रियों में रोष भी है जिनके सुर कभी भी फूट सकते हैं पर अभी  कोई विरोध नहीं कर पा रहा है। राजीव प्रताप रूडी, उमा भारती ने अपने अंदाज में सरकार को मैसेज भी दे दिया है। मोदी सरकार के इस दबाव से बाकी मंत्रियों में हड़कंप मच गया है। सभी सहमे हुए हैं। रविवार तक किसकी छुट्टी हो जाएगी यह किसी को पता नहीं है। हालांकि, बताया जा रहा है कि हटाए गए मंत्रियों को पार्टी संगठन में जगह दी जाएगी।

 

परफॉर्मेंस ही मंत्रिमंडल में फेरबदल का आधार है तो नरेन्द्र मोदी को सबसे पहले जाना चाहिए : कांग्रेस

नरेन्द्र मोदी मंत्रिमंडल में विस्तार से पहले कांग्रेस ने बीजेपी और पीएम मोदी पर हमला किया है। शनिवार 2 अगस्त को कांग्रेस ने कहा कि अगर कैबिनेट में फेरबदल परफॉर्मेंस के आधार पर किया जा रहा है तो पीएम मोदी को सबसे पहले जाना चाहिए क्योंकि उनका काम सबसे खराब रहा है। राज्य सभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा, ‘यदि फेरबदल काम के आधार पर किया जा रहा है तो इसमें पीएम मोदी को भी शामिल किया जाना चाहिए। क्योंकि पीएम का काम सबसे घटिया रहा है, चाहे वह रोजगार पर उनका किया गया वादा हो, किसान के मुद्दे हों, जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था की स्थिति हो या फिर नोटबंदी मोदी हर जगह फेल साबित हुए हैं।

 

ऐसा माना जा रहा है कि मोदी की ओर से योग्यता और व्यवहारिक राजनीति पर दिए जाने वाले जोर के बीच संतुलन के तहत छह से ज्यादा मंत्रियों को नए चेहरों के लिए अपने पद छोड़ने पड़े हैं।जिन केंद्रीय मंत्रियों ने फेरबदल से पहले कल इस्तीफा दिया था, उनके नाम हैं- कलराज मिश्र, बंडारू दत्तात्रेय, राजीव प्रताप रूडी, संजीव कुमार बाल्यान, फग्गन सिंह कुलस्ते और महेंद्र नाथ पांडे। उमा भारती ने भी इस्तीफे की पेशकश की थी लेकिन भाग्य संभवत: उनके पक्ष में है। कैबिनेट में फेरबदल की खबरों के बीच पश्चिमी दिल्ली के सांसद परवेश वर्मा ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की है। पार्टी के बीच संभावित मंत्रियों के तौर पर भाजपा के महासचिव भूपेंद्र यादव, पार्टी के उपाध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे, प्रहलाद पटेल, सुरेश अंगदी, सत्यपाल सिंह, हिमंता बिस्वा सरमा, अनुराग ठाकुर, शोभा करंदलाजे, महेश गिरी और प्रहलाद जोशी का नाम चर्चा में है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि बिजली मंत्री पीयूष गोयल, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा को सरकार में अच्छा प्रदर्शन करने वाले नेताओं के रूप में देखा जाता है। इनमें से कुछ लोगों को पदोन्नत भी किया जा सकता है।

Our Sponsors
Loading...