बीजेपी के ये नेता जब गाने लगे राष्ट्रगान तो सामने आ गया सच: देखें विडियो

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नेता लोग देशवासियों को हमेशा अपने भाषणों में देशभक्ति का पाठ पढ़ाते हुए नजर आ जाते है। लेकिन हमारे देश में ऐसे भी नेता है जब बात आती है उनकी देशभक्ति पर तो अच्छे-अच्छे की खटिया खड़ी हो जाती है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला है भारतीय जनता पार्टी के नेता रविन्द्र गुप्ता जो कि, दिल्ली में म्युनिसिपल कारपोरेशन मेयर है लेकिन उन्हें राष्ट्रगान भी नहीं आता है। बीजेपी हमेशा अपने भाषणों में देशभक्ति के गीत गाते हुए नजर आती है लेकिन उनके ही नेता लोगों को ठीक से राष्ट्रगान गाना भी नहीं आता है।

 

ऐसा नहीं है कि, सिर्फ बीजेपी में ही ऐसे नेता है जिन्हें राष्ट्रगान नहीं आता है बाकि पार्टियों में भी ऐसे नेता भरे पड़े है जिन्हें राष्ट्रगान गाना तो दूर की बात है उन्हें तो यह भी नहीं पता है कि, राष्ट्रगान किसने लिखा था। अभी हाल ही में कुछ समय पहले देशभर में भारत माता की जय और वंदेमातरम् पर बहुत चर्चा हुई थी। जो लोग भारत माता की जय और वंदेमातरम् नहीं कहते है उन्हें इस देश में रहने का अधिकार भी नहीं है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस ने नासिक की एक रैली में यह कहा था कि, जो भारत माता की जय नहीं कहता है उसे इस देश में रहने का अधिकार नहीं है।

इसके बाद स्वामी लक्ष्मी शंकराचार्य ने एक प्रोग्राम में अपना बयान दिया था कि, मुसलमान वंदेमातरम् क्यों नहीं कहते है? उन्होंने बताया कि, “कुछ लोग ये मानते है कि, मुसलमान वंदेमातरम् नहीं कहते है इसलिए वह देश के गद्दार है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग नारे लगाते है कि, यदि भारत में रहना है तो वंदेमातरम् कहना है।” शंकराचार्य ने बताया कि, “वंदना का अर्थ होता है और स्तुति ही पूजा है। व्यक्ति जिसकी पूजा करता है उसकी ही वंदना करता है और जिसकी पूजा नहीं करता उसकी वंदना नहीं करता। कण-कण में भगवान है ऐसा मानने वाला हिन्दू, भारत माता की वंदना करके यानी की वंदेमातरम् कहके एक हिन्दू गर्व महसूस करता है।”

शंकराचार्य ने बताया कि, लेकिन एक मुसलमान के लिए यह उतना ही मुश्किल है क्योंकि, जिस तरह मुसलमान होने की जो शर्त है उसमें वह ईश्वर के अलावा किसी दुसरे की वंदना नहीं कर सकता है। एक मुसलमान होकर वह किसी का आदर कर सकता है किसी का सम्मान कर सकता है लेकिन किसी दुसरे की पूजा नहीं कर सकता है। शंकराचार्य ने बताया कि, मुसलमान भी इस देश से बहुत प्रेम करते है। लेकिन कुछ राजनीतिक दल आपस में साम्प्रदायिकता फैलाकर देश के माहौल को खराब करना चाहते है।

इस विडियो में आप देख सकते है कि, दिल्ली का यह मंत्री राष्ट्रगान गाने में भी असमर्थ है लेकिन आप देख सकते है कि इन्होने आखिर में भारत माता की जय कहकर अपने राष्ट्रवाद का सबूत पेश कर दिया है। इसके अलावा सिर्फ कहने से ही देशभक्ति नहीं हो जाती है जैसा कि, राजदीप सरदेसाई ने अपने एक इंटरव्यू में बताया कि, देशभक्ति पर भाषण देने वाले ये नेता लोग पहले अपने काले धन के बारें में देश की जनता को उसकी रिपोर्ट दे उसके बाद अपनी देशभक्ति की बात पेश करें, तब यह असली देशभक्त नेता कहलायेंगे।

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