बाबा रामदेव का काला चेहरा हुआ बेनक़ाब, जमीन दबाकर किसानों के साथ किया अन्याय

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भारत में अभी इन पिछले सालों के अंदर अगर किसी कंपनी ने जबरदस्त तरीके से तरक्की की है तो वह बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की पतंजली। जिन्हें पिछले चार से पांच साल में अपनी कंपनी को शानदार गति से आगे ले गए। बाबा रामदेव की पतंजली पहले सिर्फ आयुर्वेदिक दवाइयां ही बनाती थी, लेकिन बाद में जब धीरे-धीरे स्वदेशी अभियान छेड़ा तो बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण की पतंजली ने घरेलू सामान भी बनाने शुरू कर दिए।

लेकिन कई बार बाबा रामदेव के उत्पाद सरकारी टेस्ट में फ़ैल होने के बावजूद भी बाबा रामदेव अपने प्रोडक्ट्स धडल्ले से बेचते रहे। बाबा रामदेव पर अपने उत्पादनों को लेकर मिसलीडिंग विज्ञापनों के चलते भी उन पर कई बार केस हुए लेकिन सत्ता में मोदी सरकार के चलते उन्हें बहुत फायदा हुआ। एक तरफ बाबा रामदेव लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन करते हुए कालाधन और भ्रष्टाचार के चलते अनशन करने वाले बाबा रामदेव बहुत चर्चा में रहे।

लेकिन वहीँ दूसरी तरफ उनका एक विडियो सामने आया था, जिसमें वह भारतीय जनता पार्टी के बाबा नेता के साथ पैसों को इधर-उधर ले जाने वाली बात का विडियो भी सामने आया था। अभी फिर से एक विडियो ऐसा सामने आया है जिसमें बाबा रामदेव की पोल खुलकर रह गई है। बाबा रामदेव और उनके साथी आचार्य बालकृष्ण पर सैंकड़ों बीघा जमीन कब्ज़ा लेने का आरोप लगा है। इसके अलावा बाबा रामदेव पर राजस्व चोरी जैसे सैंकड़ों आरोप लगे हुए है।

बाबा रामदेव पर यह आरोप है कि, हरिद्वार औरंगाबाद में सिर्फ एक-दो बीघा ही नहीं बल्कि 130 बीघा जमीन बाबा रामदेव के पतंजली संस्था ग्राम ने दबा रखी है। और इस बात का खुलासा किया है सालों से उनके खिलाफ मुकदमा लड़ रहे वहां के किसान लोग कह रहे है। इस मामले में बाबा रामदेव के खिलाफ सालों से उनके खिलाफ मुकदमा चल रहा है लेकिन अभी तक सिर्फ उन पर मुकदमा ही चल रहा है आज तक किसानों को अपनी जमीन नहीं मिल पाई है। बाबा रामदेव के पास पैसों के कारण सत्ता में पहुँच होने के कारण वहां के किसान ग्रामीणों की हिम्मत भी अब जवाब देने लग गई है।

काला धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले बाबा रामदेव की जमीनी हकीक़त खुद गाँव के किसानों ने बताई कि, किस छल-कपट से बाबा रामदेव ने उनकी सैंकड़ों बीघा जमीन कब्ज़ा ली। बाबा रामदेव ने पतंजली ग्राम संस्था बसाने के बहाने बाबा रामदेव ने गाँव के किसानों की जमीन कब्ज़ा ली है। गाँव के पूर्व प्रधान अजब सिंह ने बताया कि, उन्होंने कई बार जिला प्रशासन को इसकी शिकायत भी की, लेकिन अभी तक उनको कोई फायदा नहीं हुआ है।

नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से पहले बाबा रामदेव ने खूब कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ अनशन किया था, लेकिन अब जब देश में न कालाधन आ पाया और न ही भ्रष्टाचार मिट पाया उसके बावजूद अब बाबा रामदेव अपने व्यापार में मस्त है। किसानों की जमीन कब्जाने के बाद भी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है जिसके कारण गाँव के किसान उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दर-दर की ठोकरे खा रहे है।

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