देवबंद से हिरासत में लिए गए तीनो छात्रों को ATS ने छोड़ा, नहीं मिला कोई आतंकी कनेक्शन – देखें

310

 

यूपी एटीएस द्वारा देवबंद से आतंकवाद के आरोप में पकड़े गए तीनों छात्रों को रिहा कर दिया गया है। जांच में पता चला कि इन तीनों छात्रों का आतंकवाद से कोई संबंध नहीं है। मिली जानकारी के मुताबिक, बीते कल (रविवार) जिन तीन छात्रों को देवबंद थाना क्षेत्र से आतंकी गतिविधि को अंजाम देने के शक में गिरफ्तार किया गया था, उन्हें आज (सोमवार) एटीएस द्वारा की गई पूछताछ के बाद रिहा कर दिया गया गया।

एटीएस ने बताया कि छानबीन और पूछताछ में पता चला कि इन छात्रों का आतंकवाद से कोई कनेक्शन नहीं है। फिलहाल एटीएस ने तीनों छात्रों को देवबंद इंस्पेक्टर के हवाले किया है। हालांकि, इस बाबत हमारी बात अभी तक किसी अधिकारी से नहीं हो सकी है। बता दें कि पकड़े गए इन छात्रों में से 2 कश्मीर के रहने वाले हैं। जबकि एक आरोपी बिहार का रहने वाला है। यह लोग पिछले काफी समय से देवबंद में रह रहे थे।

देवबंद से हिरासत में लिए गए निर्दोष मुस्लिम नौजवानों को लेकर एटीएस और मीडिया ने बढ़ा चढ़ाकर जो दावे पेश किए और उनके साथ मदरसों को आतंकवाद के अड्डे बताने की साजिश की गई, इससे मुसलमानों में सख्त चिंता पाई जा रही है। जमीअत उलमा ए हिंद के अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे देश की खुफिया एजेंसियों और तथाकथित राष्ट्रीय मीडिया के मदरसों के खिलाफ एक संगठित साजिश करार दिया है।

मौलाना सैयद अरशद मदनी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा कि इससे पहले भी विभिन्न अवसरों पर ऐसा दिखाने की कोशिश की गई है, जैसे मदारिस इस्लामिया आतंकवादी अड्डे हों। लेकिन अल्लाह का शुक्र है कि आज तक देश की खुफिया एजेंसियां किसी भी मदरसा के खिलाफ कोई सबूत पेश करने में नाकाम रही, इतना ही नहीं खुद भाजपा के गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी भी संसद में इस बात को स्वीकार कर चुके हैं कि मदरसों का आतंकवाद से कोई संबंध नहीं है और किसी भी मदरसा के खिलाफ सरकार के पास कोई सबूत नहीं है।

मौलाना मदनी ने कहा कि मदरसों की भूमिका हमेशा साफ है और मदरसों ने देश की आजादी की लड़ाई में जो कुर्बानियां दी हैं उसको भुलाया नही जा सकता, और उनके सामने मौजूदा राजनीतिक दलों का कद बहुत छोटा है। उन्होंने कहा कि यह सब मुसलमानों के खिलाफ नफरत पैदा करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है अन्यथा इन युवकों को आतंकवाद के आरोप में पकड़ा ही क्यों गया?

जब मीडिया ने उन्हें आतंकवादी के रूप में बदनाम कर दिया तब जांच एजेंसी ने कह दिया कि उनके खिलाफ सबूत नहीं है इसलिए हम छोड़ रहे हैं आखिर यह जांच इन युवकों को हिरासत में लिए जाने से पहले ही क्यों नहीं की गई? मौलाना मदनी ने कहा कि 24 घंटे तक सभी चैनल इन युवकों को आतंकवादी के रूप में पेश करते रहे और उनके नाम अलग अलग आतंकवादी संगठनों से जोड़ दिए गए। जबकि जांच में वह निर्दोष पाए गए।

Our Sponsors
Loading...