अन्ना हजारे का ऐलानः 23 मार्च से मोदी सरकार के खिलाफ करूंगा आंदोलन, मांगे नहीं मानी तो त्याग दूंगा प्राण

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नई दिल्लीः साल 2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून बनाने को लेकर सुर्खियों में आए समाजसेवी अन्ना हजारे एक बार फिर चर्चा में हैं। अन्ना ने मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि वो 23 मार्च से आंदोलन करेंगे, अगर सरकार ने उनकी बात नहीं मानी तो वो प्राण त्याग देंगे। रविवार को भारतीय किसान यूनियन (असली) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए अन्ना हजारे ने ये बातें कही। हजारे ने कहा कि देश के सभी राज्यो में अनशन के साथ अहिंसक तरीके से जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। जब तक किसानों की बात नहीं मानी जाएगी तब तक लड़ाई जारी रहेगी।

अन्ना बोले- देश के हालात पहले जैसे

अन्ना हजारे ने कहा कि देश को आजाद हुए 70 वर्ष हो गए हैं, लेकिन अब भी देश के हालात पहले जैसे ही हैं। अब तो गोरे देश छोड़ कर चले गए, कालों ने राज कर लिया। दिल्ली में आंदोलन अंतिम होगा, इसमें सरकार को सभी मांगें पूरी करनी होगी नहीं तो आंदोलन में बैठे प्राण त्याग दूंगा।

“अन्ना ने किया है 9 राज्यों का दौरा”

लोगों ने अपील करते हुए अन्ना ने कहा कि अगर जेल जाने को तैयार हों तो दिल्ली आना। अन्ना ने कहा कि उन्होंने किसानों की हालात को देखने के लिए देश के 9 राज्यों का दौरा किया है। अन्ना का कहना है कि देश में अन्नदाताओं की हालत बेहद दयनीय है। दिल्ली में आंदोलन के दौरान किसानों की मांग भी रखी जाएगी। अन्ना ने देश के किसानों से समर्थन देने की अपील की।”

अन्ना ने कहा कि मोदी सरकार को मौका देने के लिए वह साढ़े तीन सालों तक कुछ नहीं बोले हैं, अन्ना का कहना है कि सरकार को किसान की नहीं उद्योगपतियों की चिंता है। उसने लोकपाल को कमजोर कर दिया है। मोदी जो कदम उठा रहे हैं उससे लोकतंत्र खतरे में है और देश ‘हुकुम शाही’ की तरफ जा रहा है।

अन्ना बोले- देश का लोकतंत्र खतरे में है

अन्ना ने कहा कि मोदी सरकार को मौका देने के लिए वह साढ़े तीन सालों तक कुछ नहीं बोले हैं, अन्ना का कहना है कि सरकार को किसान की नहीं उद्योगपतियों की चिंता है। उसने लोकपाल को कमजोर कर दिया है। मोदी जो कदम उठा रहे हैं उससे लोकतंत्र खतरे में है और देश ‘हुकुम शाही’ की तरफ जा रहा है।

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