दलित के घर शाह ने खाया खाना, पड़ोसी बोले- हमें अपने ही घर में बंद किया गया

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अमित शाह ने दलित कार्यकर्ता के घर खाना खाया, इस दौरान पड़ोसियों को बाहर भी नहीं निकलने दिया गया। जब एक पड़ोसी ने विरोध किया तो देखिए पुलिसवालों ने उसे क्या धमकी दी।

 

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रोहतक प्रवास के अंतिम दिन अनुसूचित मोर्चे की कार्यकर्ता तारावती चाहर के घर खाना खाया। इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और प्रदेश सरकार के अन्य मंत्रियों ने भी भोजन किया।

 

हनुमान कॉलोनी की तारावती ने शाह को मूंग की दाल, रोटी, आलू की सूखी सब्जी, तौरी की सब्जी, बूंदी का रायता और सलाद का स्वाद चखाया। भोजन के बाद घेवर से शाह, सीमए और अन्य मंत्रियों का मुंह मीठा कराया। तारावती के घर में सुबह से शाह के स्वागत के लिए खाने की तैयारी होती रही।

 

अमित शाह दोपहर करीब पौने तीन बजे भारी सुरक्षा के बीच मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा भाजपा प्रभारी डा. अनिल जैन, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला और प्रदेश के मंत्रियों के साथ तारावती के घर पहुंचे। इसके बाद शाह ने जमीन पर बैठकर तारावती के हाथों से बना खाना खाया। उन्होंने खाने में चम्मच का भी प्रयोग नहीं किया।

 

भोजन के दौरान ही शाह ने लंबे समय तक भाजपा के साथ जुड़ने और उसके लिए काम करने के लिए तारावती का आभार जताया। साथ ही तारावती से उनके पूरे परिवार के बारे में बातचीत की। शाह ने कहा कि भाजपा को मजबूत करने के लिए घर-घर जाकर अन्य कार्यकर्ताओं को जोड़ें। शाह ने तारावती को बहन से संबोधित कर स्वादिष्ट भोजन की तारीफ की। शाह ने कहा कि भोजन बहुत अच्छा था। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी तारावती से बातचीत की।

 

पुलिस व्यवस्था को लेकर पड़ोसियों का विरोध

अमित शाह की सुरक्षा को लेकर तारावती के पड़ोसियों ने विरोध कर दिया। पड़ोसियों का आरोप था कि उन्हें पुलिस ने उनके ही घर में कैद रख दिया। पड़ोसियों ने कहा कि पुलिस पहरे के कारण उन्हें कुछ पता ही नहीं चला कि कौन आया और कौन गया। पुलिस ने एक घंटे तक पड़ोसियों को उनके ही घर में कैद करके रखा। अमित शाह के चले जाने के बाद पड़ोसियों ने विरोध जता दिया।  तारावती ने उन्हें समझाकर मामला शांत किया।

 

मैं अमित शाह के आने से पहले परिवार के साथ अपने घर के बाहर खड़ा था। तभी एक अधिकारी ने घर के अंदर जाने की बात कही। मैंने उनसे कहा कि यह मेरा घर है। इस पर उन्होंने पुलिस कर्मियों को मुझे गाड़ी में बैठाक र थाने ले जाने की धमकी दी।

रविकांत, निवासी हनुमान कॉलोनी

 

हमारे घर के बाहर पहले से ही कुछ लोग इकट्ठा हो गए थे। शाह के आने से कुछ देर पहले भारी संख्या में पुलिस वाले आए और सभी को घर के अंदर जाने की बात कही। नहीं जाने पर कार्रवाई करने की धमकी दी। हमें नहीं पता चला कि हमारे पड़ोस में कौन-कौन आया था।

ईश्वर सिंह, निवासी हनुमान कॉलोनी

 

पुलिस वालों ने इस तरह से घरों को घेर लिया था कि हम बाहर निकलने की हिम्मत ही नहीं कर सके। यदि किसी ने घर से बाहर आने का प्रयास भी किया तो उसे जबरन अंदर भेज दिया गया।

दर्शना देवी,  निवासी हनुमान कॉलोनी

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