दिल्ली मे ABVP का सूपड़ा साफ, 2019 के मिशन से पहले ही लड़खड़ाए भगवा ब्रिगेड के कदम

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अभी ज्यादा दिन नहीं हुए जब बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने 2019 के लोकसभा चुनाव में 360 सीट जीतने का संकल्प जाहिर किया था। हर छोटे-बडे़ चुनाव में विजय रथ को निर्बाध गति से दौड़ाए रखने की बात पहले से होती रही है। प्रचंड जीत का खुशनुमा माहौल बीजेपी किसी कीमत पर खोना नहीं चाहती है।

 

मगर राजधानी के एमकेपी कॉलेज के छात्र संघ चुनाव में जिस तरह से एबीवीपी का सूपड़ा साफ हुआ है, उसने बीजेपी को सकते में डाल दिया है। मामला सिर्फ एक कॉलेज में किसी संगठन की हार या जीत से जुड़ा नहीं है। इसका विस्तार कहीं आगे तक है। बात निकाय, पंचायत, कैंट चुनाव से होते हुए लोकसभा चुनाव तक पहुंचनी है। इन स्थितियों के बीच, विधानसभा चुनाव में प्रचंड हार के बाद कांग्रेस को उसके छात्र संगठन एनएसयूआई ने मुस्कराने और उम्मीदों से भर जाने का मौका तो दे ही दिया है।

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बीजेपी सरकार और संगठन दोनों के लिए विचार करने योग्य कई सारी बातें सामने हैं। सवाल भी कई हैं। क्या पांच महीने पुरानी सरकार के कामकाज छात्रों को पसंद नहीं आ रहे हैं ? क्या कॉलेजों में भगवा और सुधार के एजेंडे को लागू करने की कसरत के खिलाफ माहौल है, या फिर बीजेपी और उनके सहयोगी संगठनों के सपने बडे़ हैं और उस हिसाब से तैयारी छोटी है ?

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