2017 के पहले चार महीनों में ही बेरोजगार हुए 15 लाख लोग : रिपोर्ट CMIE

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CMIE ने कहा है कि जहां 15 लाख नौकरियां गई है वहां पहले से ही मौजूदा 96 लाख लोग ऐसे थे जिनके पास रोजगार नही था. यानी कुल मिलाकर 2017 के शुरूआती 4 महीनो में 1 करोड़ 10 लाख लोग बेरोजगार रहे.

 

2017 मोदी सरकार के लिए रोजगार के मामले में बेहद निराशाजनक रहा. ये दावा किया है देश पर व्यापारिक व आर्थिक निगरानी रखने वाली प्रतिष्ठित बेवसाइट सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (CMIE) ने जिसके मुताबिक 2017 के पहले 4 महीनों में 15 लाख देश वासियों ने अपने रोजगार से हाथ धोया है.

जबकि इससे पहले 2017 के आखिरी चार महीनों में 15 लाख से अधिक लोगो को नौकरियां मिली थी. सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (CMIE) ने कहा है कि जहां 15 लाख नौकरियां गई है वहां पहले से ही मौजूदा 96 लाख लोग ऐसे थे जिनके पास रोजगार नही था. यानी कुल मिलाकर 2017 के शुरूआती 4 महीनो में 1 करोड़ 10 लाख लोग बेरोजगार रहे.

सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (CMIE) देश के वित्तीय मामलो की बड़ी बेवसाइट है जो समय-समय पर उघोगो मे रोजगार को लेकर आंकड़ो के साथ रिपोर्ट व रिसर्च जारी करती रहती है.

 

केंद्र सरकार के लेबर ब्यूरो के आकंड़ों पर नजर ड़ाले तो

साल 2016 में बीजेपी सरकार ने मैन्यूफेक्चरिंग, कंस्ट्रक्शन, ट्रेड समेत 8 प्रमुख सेक्टर में सिर्फ 2 लाख 31 हजार नौकरियां दी हैं. तो वही साल 2015 में ये आकंडा इससे भी कम था, 2015 में सिर्फ 1 लाख 55 हजार लोगों को नौकरियां मिलीं. जबकि साल 2014 में 4 लाख 21 हजार लोगों को नौकरियां मिलीं. मोदी सरकार के तीनों साल के आंकड़ों को जोड़ दिया जाए तो अब तक सिर्फ और सिर्फ 9 लाख 97 हजार नौकरियां दी हैं.

 

इसके उल्ट कांग्रेस ने दूसरी बार सरकार बनने के पहली साल यानी 2009 में 10.06 लाख नौकरियां दी थीं. यानि मोदी सरकार 3 साल में उतनी नौकरी नहीं दे पाई जितनी की कांग्रेस सरकार ने 1 साल में ही दे दी थी.

 

प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी तीन साल पूरे कर चुके हैं. 2014 में अपने चुनावी भाषणों के दौरान मोदी ने देश के नौजवानों को रोज़गार दिलाने का वादा किया था. लेकिन वो वादा पूरा होता कही नजर नही आ रहा बावजूद इसके मोदी सरकार के मंत्री रोजगार के मुद्दे पर अपनी पीठ थपथपाते रहते है.

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