100-150 साल पहले वक़्त के हज की कुछ ख़ास तस्वीरें, जो पहले आपने शायद ही कभी देखी होगी

446

हज “तीर्थयात्रा” एक इस्लामी तीर्थयात्रा और मुस्लिम लोगों का पवित्र शहर मक्का में प्रतिवर्ष होने वाला विश्व का सबसे बड़ा जमावड़ा है। यह इस्लाम के पाँच स्तंभों में से एक है, साथ ही यह एक धार्मिक कर्तव्य है जिसे अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार पूरा करना हर उस मुस्लिम चाहे स्त्री हो या पुरुष का कर्तव्य है जो सक्षम शरीर होने के साथ साथ इसका खर्च भी उठा पाने में समर्थ हो।

 

शारीरिक और आर्थिक रूप से हज करने में सक्षम होने की स्थिति को इस्ति’ताह कहा जाता है और वो मुस्लिम है जो इस शर्त को पूरा करता है मुस्ताती कहलाता है। हज मुस्लिम लोगों की एकजुटता का प्रदर्शन होने के साथ साथ उनका अल्लाह (ईश्वर) में विश्वास होने का भी द्योतक है।

 

ह तीर्थयात्रा इस्लामी कैलेंडर के 12 वें और अंतिम महीने धू अल हिज्जाह की 8 वीं से 12 वीं तारीख तक की जाती है। इस्लामी कैलेंडर एक चंद्र कैलेंडर है इसलिए इसमें, पश्चिमी देशों में प्रयोग में आने वाले ग्रेगोरियन कैलेंडर से ग्यारह दिन कम होते हैं, इसीलिए ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार हज की तारीखें साल दर साल बदलती रहती हैं।

7 वीं शताब्दी से हज इस्लामी पैगंबर मुहम्मद के जीवन के साथ जुड़ा हुआ है, लेकिन मुसलमान मानते हैं कि मक्का की तीर्थयात्रा की यह रस्म हजारों सालों से यानि कि पैगंबर इब्राहीम के समय से चली आ रही है। तीर्थयात्री उन लाखों लोगों के जुलूस में शामिल होते हैं जो एक साथ हज के सप्ताह में मक्का में जमा होते हैं और यहं पर कई अनुष्ठानों में हिस्सा लेते हैं।

लेकिन कभी आपने सोचा है आज से 125 साल पहले हज के समय में मक्का शहर कैसा दिखता होगा ? यह 16 प्राचीन तस्वीरे आपको वर्ष 1889 के हज की कुछ झलक दिखाएंगी। यह तस्वीरे भारतीय डॉक्टर अब्दुल गफ्फार अल सईद ने ली थी जब वो मक्का में अपनी सेवाएं देते थे।

जिन्हें आप तक पहुंचाया गया है। उम्मीद है आप भी इन तस्वीरों आगे पहुँचाने की मेहरबानी करेंगे। सारी दुनिया में अगर सबसे वीरान और बंजर जमीन कोई थी तो वह सिर्फ सऊदी अरब की जमीन थी , जहाँ दाना तो बहुत दूर की बात पानी मिलना बहुत मुश्किल था।

मगर आप पैगम्बर ए इस्लाम के क़दमों की बरकत है , जिसकी वजह से यह जमीन आज सोना उगल रही है , यह देश दुनिया के सबसे धनवान देशों में से एक है। मक्का और मदीना की इतनी पुरानी तस्वीरें आप ने आज से पहले कभी नहीं देखी होगी। आप इस वीडियो को जरूर देखें और शेयर करें अराफात मैदान के कैंप, मस्जिद अल हरम, मक्का शहर, आज का मक्का शहर, मूल अरब निवासी, मिना, अराफात मैदान, आज का मिना और मैदान अराफात, सब कुछ अब कितना बदल चूका है।

Our Sponsors
Loading...