पनामा मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ दोषी करार, पीएम पद से दिया इस्तीफा

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पनामा पेपर लीक मामले में पाकिस्तान के पीएम नवाज शरीफ पर आरोप साबित हो गए हैं। पाक सुप्रीम कोर्ट ने नवाज को पनामा मामले में दोषी करार दिया। जिसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। पांच जजों की खंडपीठ ने एकमत से अपना फैसला सुनाया। आपको बता दें कि नवाज और उनके परिवार पर मनीलांड्रिग और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पनामा मामले की जांच के लिए JIT गठित की गई थी।

आइये आपको बताते हैं पनामा मामले में हुई सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट की 10 बड़ी बातें

1- 10 जुलाई को JIT ने अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में पेश कर दी थी जिसके बाद 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

2- पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल अस्तर औसाफ ने कहा कि पीएम नवाज शरीफ आजीवन अयोग्य घोषित किये गये।

3- सुप्रीम कोर्ट ने पनामा मामले के फैसले में पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार को भी अयोग्य घोषित किया।

4- नवाज शरीफ को दोषी ठहराये जाने के बाद पाकिस्तान कोर्ट के बाहर का नजारा ही अलग था।

 

5- सुप्रीम कोर्ट ने नवाज शरीफ के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया। नवाज शरीफ 5-0 से अयोग्य घोषित किया गया।

6- पनामा केस मामले  पर फैसले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए पाक सुप्रीम कोर्ट के बाहर भारी मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी।

 

7- सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि पीएम की कुर्सी नवाज के छोटे भाई शहबाज शरीफ को दे दी जाएगी, जोकि फिलहाल पाक पंजाब के मुख्यमंत्री हैं।

 

8- वहीं पाकिस्तान के गृहमंत्री निसार अली खान ने कोर्ट के फैसले से पहले बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि फैसला आने के बाद वे अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीति को हमेशा के लिए अलविदा कह देंगे।

9- पाकिस्तान के तीन बार प्रधानमंत्री रह चुके नवाज शरीफ की सरकार को पहले भी बर्खास्त किया जा चुका है। पहली बार 1993 में  सैन्य निदेशक जनरल परवेज मुशर्रफ के साथ मतभेद के कारण उनकी बर्खास्तगी हुई थी।

 

10- सूत्रों के मुताबिक नवाज के भाई शहबाज शरीफ के उपचुनाव में चुने जाने तक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के 45 दिनों तक अंतरिम प्रधानमंत्री के तौर पर कार्यभार संभालने की संभावना है।

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