10 रुपए बढ़ने पर हंगामा मचाने वाले 100 रुपए बढ़ाने पर शांत क्यों? विपक्ष से सरकार में आते ही जनता को भूले

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को जिन नारों और वादों ने देश की सत्ता पर बैठाया उनमें से ‘बहुत हुई महंगाई की मार-अबकी बार मोदी सरकार’ मुख्य था। लेकिन मोदी सरकार आ गई पर महंगाई की मार जस की तस है।




सरकार लगातार कई क्षेत्रों में आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ा रही है। सरकार ने चार महीने में रसोई गैस के दाम में कई बार बढ़ोत्तरी की है। इस बार रसोई गैस में फिर से रिकॉर्ड 93.50 रूपए की बढोत्तरी हुई है। अब दिल्ली में गैस 649 रुपए से बढ़कर 742 रुपए की मिलेगी।




केंद्र में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। भाजपा जब कभी विपक्ष की भूमिका में थी तो गैस और पेट्रोल-डीजल की महज चंद पैसों और रुपयों की बढ़ोत्तरी होने पर उसके नेता जगह-जगह प्रदर्शन करते थे। प्रदर्शन करने वाले नेताओं में स्मृति ईरानी, सुषमा स्वराज, रविशंकर प्रसाद जैसे नेता अब खुद केंद्र सरकार में मंत्री हैं।

आम जनता की बात करने वाले बीजेपी नेताओं को क्या अब महंगाई दिखाई नहीं देती?

गौरतलब है कि मोदी सरकार आम जनता पर चारों ओर से महंगाई की मार कर रही है। नोटबंदी और जीएसटी की वज़ह से जनता पहले से ही त्रस्त और परेशान है, अब रसोई गैस की कीमतों में भारी इजाफे से उसपर दोहरी मार पड़ी रही है। बता दें कि सब्सिडी वाले सिलेंडर भी अब 491.13 रुपए से बढ़कर अब 495.69 रुपए का हो गया है।

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बहुत हुई महंगाई कि मार, बहुत हुआ नारी पर अत्याचार, बहुत हुआ किसानों पर अत्याचार, बहुत हुआ पेट्रोल-डीजल की मार अब की बार मोदी सरकार। अपने दिए गए सभी नारों पर भयंकर विफल साबित हुई है। लेकिन इसपर ना तो अब सरकार के नेता बोलेंगे और ना ही गोदी मीडिया।

Courtsey: Bolta Hindustan

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