1 अक्टूबर को 1 लाख लोग होंगे बेरोजगार, 2 करोड़ रोजगार देने का वादा किया था लाखों बेरोजगार करने का नहीं

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हर साल 2 करोड़ रोजगार देने की बात करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए रोजगार का सृजन नहीं कर पा रहे। बल्कि जिन लोगों के हाथों में नौकरियां है भाजपा सरकारें उनसे उनका रोजगार छीन रही हैं।

उत्तर प्रदेश में 1 अक्टूबर से लगभग एक लाख प्रेरक बेरोजगार हो जाएंगे। दरअसल, सूबे में चल रही साक्षर भारत योजना को 30 सितम्बर के बाद केंद्र सरकार ने संचालित करने की अनुमति नहीं दी है।

आपको बता दें कि साक्षर भारत योजना के तहत 49,921 ग्राम पंचायतों में एक-एक महिला और पुरुष प्रेरक को नियुक्त किया गया था। इस हिसाब से सूबे में 99,842 प्रेरक कार्यरत हैं। ये प्रेरक 15 साल और उससे अधिक उम्र के अशिक्षित लोगों को साक्षर बनाने का काम करते हैं। प्रेरक अशिक्षित लोगों को पढने के लिए प्रेरित करने का काम करते हैं।

राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सचिव एवं निदेशक अवध नरेश शर्मा ने बताया कि साक्षर भारत योजना को 30 सितम्बर तक के लिए ही अनुमति मिली है।

साक्षर भारत योजना को 30 सितम्बर से आगे चालू रखने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया था, जिसे सरकार ने आगे चलाने की अनुमति नहीं दी।

बता दें कि इन प्रेरकों को प्रतिमाह दो हज़ार रुपए के मानदेय पर रखा गया था।

गौरतलब है कि मोदी सरकार के नोटबंदी और जीएसटी के लागू होने के बाद से लगातार सरकारी से लेकर प्राइवेट सेक्टर में नौकरियों की भारी कटौती की जा रही है। लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा, इसपर 99,842 प्रेरकों को बेरोजगार करना केंद्र सरकार की नाकामियों को दर्शा रहा है। नोटबंदी-जीएसटी के फेल होने पर पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने कहा कि मोदी सरकार लोगों को करीब से गरीबी दिखाएगी।

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