हर मोर्चे पर विफल हो रही मोदी सरकार, अब GST की वजह से ‘इंफोसिस’ का काम बंद, हजारों हुए बेरोजगार

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गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। जीएसटी की वज़ह से इंफोसिस और टीसीएस जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों ने अपनी इंदौर इकाई को बंद करने का फैसला किया है।

हालाँकि छोटे और मंझले उद्योग में जीएसटी से व्यापारी वर्ग पहले से ही परेशान थे। अब नोटबंदी और जीएसटी ने देश की आईटी कंपनियों को मंदी की तरफ धकेल दिया है।



दोनों कंपनियों ने हजारों लोगों को रोजगार देने का वादा किया था। लेकिन सरकार के गलत फैसले के चलते हजारों लोगों को नौकरी नहीं मिल पाएगी।

गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। जीएसटी की वज़ह से इंफोसिस और टीसीएस जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों ने अपनी इंदौर इकाई को बंद करने का फैसला किया है।

हालाँकि छोटे और मंझले उद्योग में जीएसटी से व्यापारी वर्ग पहले से ही परेशान थे। अब नोटबंदी और जीएसटी ने देश की आईटी कंपनियों को मंदी की तरफ धकेल दिया है।

दोनों कंपनियों ने हजारों लोगों को रोजगार देने का वादा किया था। लेकिन सरकार के गलत फैसले के चलते हजारों लोगों को नौकरी नहीं मिल पाएगी।



मोदी सरकार ने आईटी कंपनियों में एप डेवलपमेंट, वेबसाइट डिजाइनिंग पर 18 प्रतिशत टैक्स लगाया है जिससे आईटी कंपनियां अपने काम की लागत ना निकाल पाने की वजह से कर्मचारियों को सैलरी नहीं दे पा रहीं।

जिसके चलते आईटी सेक्टर में कर्मचारियों की छटनी भी तेजी से हो रही है। भविष्य में आईटी सेक्टर के अंदर और भी छटनी होने की संभावना है।

आईटी कंपनियां अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर बदलीं नीतियों के चलते मंदी के दौर से गुजर रहीं हैं, इसीलिए इंफोसिस और टीसीएस नया निवेश करने से बच रही हैं। मोदी सरकार अब सवाल के घेरे में है कि सालाना 2 करोड़ रोजगार देने का वादा करने के बाद सरकार उल्टा हजारों लोगों से नौकरियां छीन रही है।

Courtsey : Bolta Hindustan

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