सीएम ने कहा कपड़े उतारो तो मिलेगा ठेका, साड़ी उतारते ही कहा आओ मेरे साथ ओरल सेक्स करो..

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उस दिन सीएम ओमन चांडी ने मुझे अपने सरकारी बंगला क्लिफ हाउस में बुलाया. मुझे लगा हो सकता है आज मुझे ठेका मिला जाएगा. गेट के अंदर आते ही उनके सरकारी गार्ड मुझे उनके कमरे तक ले गए और बाहर से बंद कर दिया . उस कमरे में सीएम अपने सफेद धोती को संभालते हुए मुझे बैठने का इशारा किया . सीएम ने पुछा कैसी हो सरिता, ठेका के लिए आई हो. मैने कहा हां साहब. उन्होंने कहा ठेका तभी मिलेगा जब तुम कपड़े उतारोगी. मैं उनको फादर की तरह मानती थी लेकिन उनकी ये डिमांड सुनते ही पैरों तले से जमीन खिसक गई. मैं बिलकुल घबरा गई. मुझे 18 डिग्री टैम्परेचर वाले एयर कंडीशनर रुम में भी पसीना आने लगा. घर के बाहर गार्डो को देख कर घबराहट होने लगी. एक तरफ करोड़ो रुपए का ठेका और दूसरी तरफ सीएम का डिमांड समझ नहीं आ रहा था क्या करुं. सीएम चांडी अपनी हवस भरी निगाहों से मुझे घुरते रहे. डरते हुए मैने अपना पल्लू हटाया तो उन्होने कहा पुरे कपड़े उतारो. मैंने पुरी साड़ी उतार दी . उन्होंने कुटिल मुस्कान के साथ कहा आओ अब मेरे साथ ओरल सेक्स करो.

कुछ यही मजमून है सोलर घोटाले कि जांच कर रहे जस्टिस जी. सिवराजन आयोग की 1073 पेज की रिपोर्ट का. केरल की ओमन चांडी सरकार को 2013 में हिला देने वाली करोड़ों रुपये की सौर ऊर्जा निवेश धोखाधड़ी पर सौर न्यायिक आयोग की रिर्पोट जी. शिवराजन ने मुख्यमंत्री विजयन के कार्यालय में सौंपी. जिसे गुरुवार को सीएम पिनाराई विजनय ने सदन में रखा. केरल के सबसे चर्चित सोलर स्कैम मामले में आई रिर्पोट में 74 साल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी समेत 21 लोगों पर अंगुली उठाई गई है. इन 21 लोगों में दो केंद्रीय मंत्री, तीन प्रदेश के मंत्री, एमएलए, एक सांसद और कई आला पुलिस अधिकारी शामिल हैं. रिपोर्ट कहती है कि चांडी और उनके सहयोगियों ने पैसा और सेक्स के एवज में बीजू राधाकृष्णन और उसकी लिव-इन पार्टनर सरिता एस. नायर की ओर से शुरू की गई एक संदिग्ध कंपनी की मदद की.

गलत दिशा में कमीशन ने जांच किया है 

चांडी का कहना है कि ‘कमीशन को विधानसभा और बाहर उठाए गए सवालों को लेकर सोलर स्कैम और इससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच के लिए कहा गया था. लेकिन इसने मुख्य आरोपी सरिता की ओर से लिखा बताए जा रहे एक पत्र में लगाए गए सारे आरोपों और आयोग के सामने दिए बयान को बिना पुष्टि के वस्तुतः ज्यों का त्यों उतार दिया. यह आयोग को दिए गए निर्देश के विपरीत था.’

छोटो सी गांव से शुरु हुई सरिता की स्टोरी 

सरिता केरल के चेनगन्नुर जिले के छोटे से गांव से हैं वह सेंट अंन्स स्कुल की स्टूडेंट थी अंग्रेजी और गणित में हमेशा टॉप करने वाली सरिता ने दसवीं की परीक्षा में डिस्टिंक्शन के साथ 94 प्रतिशत मार्क्स हासिल किए . जिसका उसे आज भी अपने नंबरो पर फ्रक है. उसी दौरान 18 साल की सरिता की शादी दुबई में बसे राजेंद्र से कर दी.

क्यों छोड़ दिया NRI पति ने

शादि के बाद nri पति गल्फ चला गया . लेकिन शादि बहुत दिनों तक टिकी नही . राजेंद्रन ने यह कहते हुए उसे तलाक दे दिया कि उसके दूसरे मर्दो से संबध हैं.तलाक के समय उसका एक बच्चा हो चुका था . एकएक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि सरिता की पहली संतान तिरुअनंतपुरम के एक स्कूल से पढ़ाई कर रहा है। वह सरिता का पुत्र है, इस बात का पता केवल स्कूल प्रबंधन को ही है.

शराब के दलाल से दोस्ती की

तलाक के बाद सरिता ने एक प्रायवेट लेन-देन संपनी में असिस्टेंट मैनेजर की नौकरी कर ली उसके बाद स्थानीय शराब के दलाल से दोस्ती की. वह अपने दोस्त की मदद से कंपनी के लिए लाखों रुपए लाती गई.  अपने दलाल दोस्त को दिए पैसे लेकर वो फरार हो गया और फंस गई सरिता. और उसे जेल जाना पडा.

लिव- इन पार्टनर के साथ शुरु किया फर्जीवाडा 

जेल से निकलने के बाद सरिता ने फिर से जाल फैलाना शुरु कर दिया अपनने लिव इन पार्टनर बीजू  राधाकृष्णन के साथ मिलकर ऑनलाइन काम करना शुरू किया. 2010 में वे पकड़े गए उस वक्त उसके पहले पती की बेटी पेट में थी जिसे जेल में ही जन्म दिया .

अपने  खूबसूरती का फायदा 

उसने अपने खूबसूरती का फायदा उढा कर पलिटिकल कनेक्शन बनाया. अंग्रेजी, हिंदी, मलयालम तीनों भाषा अच्छे से बोल लेती थी. सरिता अब नंदिनी नायर बन गई और खुद को चार्टर्ड एकाउंटेंट बताने लगी. बीजू कभी खुद को स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टर बताता था और कभी-कभी वह खुद को एक आईएएस अफसर बताता था.

ऐसे फंसाते थे नेताओं को सरिता

सरिता और बीजू बड़े नामों का इस्तेमार करने में माहिर थे. सरिता प्लान बनाती और बीजू उसे पूरा करता था , अपने आप को फोन पर बिजू लंदन का बताकर ये दोनो अपना जाल फैलाने लगे. ये दोनों कोई न कोई कार्यक्रम आयोजित कर राजनेताओं को उनमें आमंत्रित किया करते, उनके साथ फोटो खिंचवाते और अपनी पहचान का दायरा बढ़ाया करते थे.

सरिता से नंदनी और नंदनी और फिर……

2011 में टीम सोलर बनाई .नाम बदलकर लक्ष्मी नायर और डॉ आरबी नायर रख लिए, जबकि कंपनी इनके ओरिजिनल नामों पर ही रजिस्टर्ड थी. उसके बाद सरिता और बीजू ने सोलर पैनल बिजनेस पर एक रिपोर्ट तैयार कर केरल के cm चांडी को दिखाया . देखने के बाद ओमन ने कहा ‘उन्हें इस प्रोजेक्ट में इन्ट्रेस्ट है और विद्युत मंत्री आर्यदन मोहम्मद को फोन लगाकर कहा मैं ‘लक्ष्मी’ को भेज रहा हूं. सरिता ने पहली बार जेल जाने के बाद से क्लाइंट्स से खुद का परिचय ‘लक्ष्मी नायर’ नाम से कराया और बीजू खुद को ‘आरबी नायर’ पूर्व रिजर्व बैंक अधिकारी के तौर पेश करता था.’

सुंदरता बन जाती हैं वरदान और अभिशाप 

एक इंटरव्यू में सरिता ने कहा उसकी सुंदरता उसके लिए वरदान और अभिशाप दोनों साबित हुई . यह उसकी सुंदरता ही थी , जिसकी वजह से कई नेता उसके करीबी थी. जस्टिस शिवाराजन कमीशन के सामने सरिता ने बयान भी दिया था कि कई करोड़ों के घोटाले वाले इस (सोलर घोटाला) मामले की जांच करना बिलकुल सही है.

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