सभी राजनीतिक पंडितों ने कहा कांग्रेस दूसरे चरण के 93 मे से 65 सीट जीतेगी

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भारतीय लोकतंत्र या फिर दूसरे तरीके से कहा जाए तो पूरी सभ्यता का भविष्य अब इस बात पर निर्भर करता है कि 14 दिसंबर यानी कल मध्य और उत्तर गुजरात किस तरह से वोट करेगा।

ऐसा लगता है कि आखिरी क्षणों में मोदी की हताशा भरी अपील को भी लोगों ने अनसुना कर दिया है।

मध्य गुजरात में जहां गोधरा स्थित है, 2012 के चुनाव में यहां की 40 में बीजेपी को 21 सीटें मिली थीं। जबकि कांग्रेस के खाते में 17 सीटें गयी थीं। इस बार यहां कांग्रेस काफी मजबूत दिख रही है।

लेकिन मध्य गुजरात जिसमें वडोदरा आता है अभी भी बीजेपी का मजबूत गढ़ बना हुआ है। यहां पाटीदारों का प्रभाव सबसे कम है। यही वजह है कि कांग्रेस ने 2012 में यहां अच्छा प्रदर्शन किया था क्योंकि उस समय पाटीदार मुख्य तौर पर बीजेपी के साथ थे।

जैसा कि इस बार लग रहा है कांग्रेस ने इस इलाके में अपने भील-कोली आधार को बरकरार रखा है। वडोदरा में कांग्रेस पीछे रहेगी जबकि आनंद, खेड़ा, महिसागर और दाहोद में वो स्वीप करने की स्थिति में है। यहां तक कि पंचमहाल और छोटा उदयपुर में भी कांटे का संघर्ष है।

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि मध्य गुजरात में कांग्रेस को बढ़त मिलती दिख रही है। वो यहां 40 में से 28 सीटें हासिल कर सकती है।

जहां तक उत्तर गुजरात की बात है जिसमें अहमदाबाद भी आता है। शहर और देहात के बीच अंतर यहां साफ देखा जा सकता है। कांग्रेस बनासकांठा, पाटन, आरावली और गांधीनगर में तकरीबन स्वीप की स्थिति में है। साबरकांठा और मेहसाना में तगड़ा मुकाबला है। अहमदाबाद में अभी भी बीजेपी बाजी मारेगी। हालांकि यहां उसके वोटों का प्रतिशत कम हो सकता है। इस लिहाज से कहा जा सकता है कि उत्तर गुजरात में कांग्रेस आसानी से 31 सीट हासिल कर लेगी।

14 दिसंबर के दूसरे और आखिरी चरण में कांग्रेस के एक बार फिर 59 सीटें जीतने की संभावना है। इस तरह से इस चुनाव में ये कांग्रेस के आंकड़े को 118 पर पहुंचा देता है।

14 दिसंबर को गुजरात के वोटरों को अपने दिमाग में ये रखना चाहिए कि कांग्रेस किसी भी हालत में जीतने जा रही है। यहां तक कि राजदीप सरदेसाई की भविष्यवाणी पर भी ध्यान देने की जरूरत नहीं है जो मोदी के प्रभाव में काम कर रहे हैं।

आज के दौर में मुख्यधारा की खबरें सूचना का सबसे ज्यादा विकृत स्रोत बन गयी हैं। इस समय आरएसएस हजार तरह की चालें चल रहा है। इसमें खबरों को गढ़ने से लेकर उन्हें प्लांट कराने और पत्रकारिता के क्षेत्र में साख वाले लोगों पर दबाव डलवाकर ट्वीट करवाने समेत वो कई तरीके अपना रहा है। नया सूत्रीकरण है- सही बात है कांग्रेस अच्छा कर रही है। राहुल ने अपनी छाप भी छोड़ी है। बावजूद इसके बीजेपी ही सत्ता में आएगी। किसी तरह का कोई विश्लेषण नहीं- गुजराती वोटरों के मूड से कुछ लेना-देना नहीं। या फिर उन्हें पाटीदार से लेकर ओबीसी और किसानों में बीजेपी विरोधी गुस्से से भी कुछ मतलब नहीं है।

इसके अलावा राहुल के मंदिर दौरों और जनेऊ प्रकरण से पड़ने वाले प्रभाव की भी उन्हें कोई समझ नहीं है। जिसके नतीजे के तौर पर गुप्त रूप से राजनीतिक असर डालने वाले ब्राह्मण समुदाय का रुझान कांग्रेस की तरफ हो सकता है।

मध्य गुजरात

आनंद जिला: 7 सीट

2012-बीजेपी-2, कांग्रेस-4, एनसीपी-1

(बीजेपी-खंबात,आनंद; कांग्रेस-बोरसाड, अंकलाव, पेटलाड, सोजित्रा; एनसीपी- उमरेठ)

2017 (संभावित): कांग्रेस-6, बीजेपी-1

खेड़ा जिला: 7 सीट

2012- बीजेपी-2, कांग्रेस-5

(बीजेपी-माटर, नाडियाड; कांग्रेस-मेहमदाबाद, माहुडा, थासरा, कपड़वंज,बालासिनोर)

2017 (संभावित): कांग्रेस-6, बीजेपी-1

महिसागर जिला: 2 सीट

(2012-बीजेपी-0, कांग्रेस-2)

(कांग्रेस-लूनावाडा, संतरामपुर)

2017 (संभावित): कांग्रेस-2

पंचमहाल जिला: 5 सीट

2012- बीजेपी-4, कांग्रेस-1

(बीजेपी-शेरवा, मोरडा हफाफ, कलोल, हलोल; कांग्रेस-गोधरा)

2017 (संभावित): कांग्रेस-3, बीजेपी-2

दाहोद जिला: 6 सीट

2012- बीजेपी-3, कांग्रेस-3

(बीजेपी-फतेपुरा, देवगढ़बदिया, लिमखेड़ा; कांग्रेस- झालोड़, दाहोद, घदबाबा)

2017 (संभावित): कांग्रेस-5, बीजेपी-1

छोटा उदयपुर: 3 सीट

2012- बीजेपी-1, कांग्रेस-2

(बीजेपी-जेटपुर एसटी; कांग्रेस- छोटा उदयपुर, संखेड़ा)

2017 (संभावित): कांग्रेस-3

वडोदरा जिला: 10 सीट

2012- बीजेपी-9, कांग्रेस-0, स्वतंत्र-1

2017 (संभावित): कांग्रेस-3, बीजेपी-7

मध्य गुजरात कुल सीट– 40

2012- बीजेपी-21, कांग्रेस-17, एनसीपी-1, स्वतंत्र-1

2017 (संभावित): कांग्रेस-28, बीजेपी-12

उत्तर गुजरात

बनासकांठा जिला: 9 सीट

2012- बीजेपी-4, कांग्रेस-5

(बीजेपी- वाव, थराड़, दीसा, देवदर; कांग्रेस- धनेरा, दांता, बडगाम, पालनपुर, कांकरेज)

2017 (संभावित): कांग्रेस-7, बीजेपी-2

पाटन जिला: 4 सीट

2012- बीजेपी-3, कांग्रेस-1

(बीजेपी-राधनपुर, चुडास्मा, पाटन; कांग्रेस-सिद्धपुर)

2017 (संभावित): कांग्रेस-3, बीजेपी-1

मेहसाना जिला: 7 सीट

2012- बीजेपी-5, कांग्रेस-2

(बीजेपी-खेरालू, ऊंझा, विसनगर, बेचराजी, मेहसाना; कांग्रेस- कादी, वीजापुर)

2017 (संभावित): कांग्रेस-4, बीजेपी-3

साबरकांठा जिला: 4 सीट

2012- बीजेपी-2, कांग्रेस-2

(बीजेपी-हिम्मतनगर, ईदर; कांग्रेस- खेड़ब्रह्मा, प्रांतिज)

2017 (संभावित): कांग्रेस-3, बीजेपी-1

आरावली जिला: 3 सीट

2012- कांग्रेस-3, बीजेपी-0

(कांग्रेस- भिलोड़ा, मोदासा, बायद)

2017 (संभावित): कांग्रेस-3, बीजेपी-0

गांधीनगर जिला: 5 सीट

2012- बीजेपी-2, कांग्रेस-3

(बीजेपी- गांधीनगर उत्तर, गांधीनगर दक्षिण; कांग्रेस- दहगाम, मानसा, कलोल)

2017 (संभावित): कांग्रेस-4, बीजेपी-1

अहमदाबाद जिला: 21 सीट

2012- बीजेपी- 17, कांग्रेस-4

(बीजेपी-घाटलोडिया, वेजलपुर, वटवा, एलिसब्रिज, नारनपुरा, निकोल, नरोदा, ठक्करबाबा नगर, बापूनगर, अमराईबाड़ी, जमालपुरा खड़िया, मणिनगर, साबरमती, असारवा, दसकोई, धोलका, धंधुका; कांग्रेस-वीरगाम, सानंद, दरियापुर, दानीलिमड़ा)

2017 (संभावित): कांग्रेस-7, बीजेपी-14

उत्तर गुजरात

कुल संख्या: 53

2012- बीजेपी-33, कांग्रेस-20

2017 (संभावित): कांग्रेस-31, बीजेपी-22

2017 कुल संख्या (मध्य और उत्तर गुजरात): कांग्रेस-59, बीजेपी-34

2017 कुल संख्या (सौराष्ट्र, दक्षिण गुजरात और कच्छ): कांग्रेस-59, बीजेपी-26

2017 पूरा गुजरात कुल संख्या (संभावित): कांग्रेस-118, बीजेपी-60, अन्य-4 

(अमरेश मिश्र पत्रकार, इतिहासकार और सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता हैं।)

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