सपा, रालोद व कांग्रेस के महागठबंधन से हार के बाद फूट-फूटकर रोए एबीवीपी प्रत्‍याशी, देखें तस्‍वीरें

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भाजपा के गढ़ में करारी शिकस्‍त के बाद एबीवीपी उम्‍मीदवारों ने अपने ही नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप

मेरठ. भाजपा के गढ़ में ही उसके छात्र संगठन एबीवीपी को मिली करारी शिकस्‍त के बाद एक ऐसा नजारा देखने को मिला है, जो शायद ही आपने कभी चुनाव के बाद देखा हो। जी हां, मेरठ में भाजपा के सांसद व सात सीटों में से छह पर विधायक होने के बावजूद उसे छात्र संघ चुनाव में हार का मुंह देखना पड़ा है। हैरान कर देने वाली बात ये है कि इस हार के बाद एबीवीपी के उम्‍मीदवार सबके सामने फूट-फूटकर रोए।

दरअसल, काॅलेजों में छात्र संघ चुनाव में खड़े एबीवीपी के उम्मीदवार हारने के बाद सार्वजनिक रूप से रोने लगे तो समझना चाहिए, यहां भाजपा अपने उम्मीदवारों को जिताने के लिए एकजुट नहीं हुई।चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कैंपस व चार काॅलेजों में एबीवीपी को हराने में सपा, रालोद व कांग्रेस के महागठबंधन ने अहम भूमिका निभार्इ। विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव से मिले इस सूत्र से भाजपा की 2019 की तैयारियों को झटका लग सकता है।

meerutएबीवीपी की यह रही स्थिति

कैंपस आैर शहर के अधिकतर काॅलेजों में छात्र संघ चुनाव हो चुके हैं। इनमें एबीवीपी की स्थिति बहुत दयनीय रही है। कहीं भी अध्यक्ष व महामंत्री पदों पर एबीवीपी का उम्मीदवार जीत हासिल नहीं कर पाया। कैंपस में व अन्य कालेजों में उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव या कोषाध्यक्ष पर एबीवीपी का उम्मीदवार जीता है। इस्मार्इल काॅलेज में तो सपा छात्र सभा को पांचों पदों पर जीत मिली। रालोद, सपा आैर कांग्रेस के महागठबंधन पर युवाआें ने भरोसा जताया है तो भाजपा के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं।

meerutहार पर एेसे रोए उम्मीदवार

कैंपस व काॅलेजों में सम्पन्न हुए छात्र संघ चुनाव में एेसा नहीं कि भाजपा सक्रिय नहीं रही हो, लेकिन युवाआें ने महागठबंधन पर विश्वास किया है। एबीवीपी की हार से भाजपा को सोचने को मजबूर कर दिया है। एबीवीपी के उम्मीदवारों ने चुनाव तो जोर-शोर से लड़ा, लेकिन परिणाम के बाद वे दुखी मन से वापस लौटे। कैंपस में अध्यक्ष पद पर हार के बाद तो एबीवीपी के उम्मीदवार रोहित कुमार ने खुले तौर पर भाजपा नेताआें द्वारा उन्हें सपोर्ट नहीं देने का आरोप लगाया था आैर डीएन काॅलेज के चुनाव के परिणाम आने के बाद एबीवीपी के जीतने व हारने वाले उम्मीदवार अपने संगठन की हार पर खूब रोए। रालाेद, सपा छात्र सभा व एनएसयूआर्इ के महागठबंधन की सफलता पर वरिष्ठ छात्र नेता व रालोद नेता डा. राजकुमार सांगवान का कहना है कि इस गठबंधन ने साबित कर दिया कि युवा क्या चाहते हैं। भाजपा ने देश व प्रदेश में जो माहौल कर रखा है, उस माहौल को बदलने की शुरुआत हो गर्इ है।

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