शाह’जादे’ के बाद अब शिव’जादे’ का हुआ विकास! 30 का दूध 65 में बेचकर कर रहा है ‘दूध का धुला’ व्यापार

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जून के महीने में जब नाराज़ किसानों ने अनाज, दूध और फल-सब्जियों की आपूर्ति रोक दी थी। प्रदर्शनकारी किसानों ने इंदौर और उज्जैन समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश के विभिन्न ज़िलों में दूध ले जा रहे वाहनों को रोका और दूध के कनस्तर सड़कों पर पलट दिए। उन्होंने अनाज, फल और सब्ज़ियों की आपूर्ति कर रहे वाहनों को भी रोक लिया और इनमें लदा माल सड़क पर बिखेर दिया था।

ये सारी घटनाएं जब हो रही थी, किसान राज्य में जगह जगह पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तभी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने बेटे के लिए विदिशा स्थित फार्म हाउस की गायों के दूध ‘सुधामृत’ नाम से भोपाल में बेचने की तैयारी में लगे हुए थे।अब उसका उद्घाटन कर दिया गया है

राजधानी भोपाल में पिछले कई दिनों से होर्डिंग्स के जरिए जल्द आ रहा है ‘दूध का धुला दूध’ कैंपेन चलाया जा रहा था। इस कैंपेन को लेकर शहर में काफी चर्चाएं थीं। अब साफ हो गया है कि मुख्यमंत्री शिवराज के बेटे कार्तिकेय ही ‘दूध का धुला दूध’ लेकर आ रहे हैं।

किसान से 30 रुपये लीटर ले रहे है दूध बेच 65 रुपए लीटर रहे है

शिवराज चौहान के बेटे कार्तिकेय के इस बिजनेस के तहत शुरुआत में राजधानी भोपाल के अलावा विदिशा जिले में भी दूध की सप्लाई होनी है। गाय के दूध की कीमत 65 रुपए प्रति लीटर रखी गई है।

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दावा किया गया है कि आधुनिक पद्धति से मानव स्पर्श रहित रसायन मुक्त दूध उपलब्ध कराया जाएगा।मगर ये भी सवाल अब उठने लगे है की आखिर में 65 रुपये में जो दूध बेचने जा रहे है उसे किसान से वो 30 रुपये लीटर में खरीदेंगे, मतलब साफ़ है शिवराज अपने बेटे को ज़रा भी नुकसान का व्यापार नहीं करवाने वालें है।

जय शाह की तरह कार्तिकेय

अमित शाह के बेटे जय शाह की तरह शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय भी एक व्यापारी है। पहले उन्होंने फूलों का कारोबार शुरू किया था। भोपाल के सबसे महंगे बिट्टन मार्केट में फ्लावर शॉप से कारोबार में कदम रखा था।

अब कार्तिकेय ने परिवार के छीरखेड़ा स्थित फार्म हाउस से डेयरी का कारोबार शुरू किया है। विदिशा जिले में 10 एकड़ जमीन में डेयरी शुरू की गई है। इस डेयरी में अभी हॉलैंड की उन्नत नस्ल की करीब 200 गायें आ चुकी हैं।

कुछ ऐसा ही हाल जय शाह का भी है जिन्होंने पिछले दिनों 16000 गुना का मुनाफा कमा कर सियासी गलियारों में हंगामा खड़ा कर दिया था।

दूसरी तरफ किसान नेता ने कहा, हम अपने आंदोलन के ज़रिये उस सरकार को संदेश देते रहे कि वो शिवराज सरकार को ज़मीनी हक़ीक़त से रू-ब-रू कराना चाहते हैं, जो किसानों की आय दोगुनी करने के वादे करती है।

किसान लगातार मांग करते रहे की सरकार को किसानों के हित में उचित क़ानून बनाकर इस बात का प्रावधान करना चाहिए जिससे कृषि उत्पाद किसी भी हालत में न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे न बिकें।मगर ऐसा कहा हो सकता है शिवराज तो व्यस्त है अपने ही बेटे का कारोबार बढ़ाने में जो किसान से उचित मूल्यों पर नहीं लिया जायेगा मगर उससे दुगुना फायदा ज़रूर कमाया जायेगा।

Courtesy : Bolta Hindustan

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