व्यापमं घोटाले में CBI ने उमा भारती को दी क्लीन चिट, सरकारी ‘तोते’ ने मंत्री से बयान तक नहीं लिया

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मध्यप्रदेश के सबसे बड़े व्यापमं घोटाला मामले में सीबीआई ने संविदा शिक्षा भर्ती में गड़बड़ी के मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है. मामले में 95 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है. ये चार्जशीट केंद्रीय मंत्री उमा भारती के लिये बड़ी राहत बनकर आई, क्योंकि मामले में उन्हें क्लीन चिट मिल गई है.

बता दें कि मिडिलमैन के तौर पर दर्ज उमा भारती से जांच एजेंसी ने बयान तक नहीं लिया. इससे पहले भी एसटीएफ ने भी उमा भारती से कोई पूछताछ नहीं की थी. एसटीएफ के चार्जशीट पर सीबीआई ने ठप्पा लगा कर उमा भारती को क्लीन चिट दे दी है. इसपर व्यापम घोटाला का खुलासा करने वाले व्हिसल ब्लोअर्स ने सीबीआई की चार्जशीट पर सवाल उठाया है.

इस मामले पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी सवाल उठाते हुए कहा, ”बिना पूछताछ किये क्लीन चिट मिलती है तो सवाल उठेगा ही. शुरू से ही मामले में लीपा-पोती हो रही है, सही से जांच नहीं हो रही है. मुख्यमंत्री को क्लीन चिट मिल गई, अब उमा भारती को मिल गई. अब बस छोटे लोगों पर कार्रवाई हो जाएगी.”

बता दें कि एसटीएफ की जांच के दौरान 2013 में उमा भारती का नाम सामने आय था. जिसके बाद उमा भारती ने इस पर नाराजगी जाहिर की थी. बाद में तत्कालीन डीजीपी नंदन दुबे को उमा के बंगले में जा कर सरकार की तरफ से स्पष्टीकरण देना पड़ा था. व्हिसल ब्लोअर्स का आरोप है कि इस मुलाकात के बाद जांच की दिशा बदल गई.

Courtesy : Bolta Hindustan

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