रूपानी के आधे मंत्री कक्षा 5 से 12 पास! कई गंभीर अपराधों के आरोपी; अंबानी के जीजा फिर बने मंत्री

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अहमदाबाद। मंगलवार को गुजरात में सरकार बनाने के लिए विजय रूपानी और नितिन पटेल ने क्रमशः मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की शपथ ली यह छठा मौक़ा है जब राज्य में बीजेपी लगातार छठी बार शपथ ले रही है। शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह समेत 18 राज्यों के मुख्यमंत्री भी हाजिर रहे। समारोह में धार्मिक गुरुओं के लिए विशेष स्टेज बनाया गया था।

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PM Narendra modi, amit shah and gujarat CM vijay rupani after oath ceremony in gandhinagar. express photo javed raja
26-12-2017


यह पहला मौक़ा है जब इस प्रकार से बड़ी संख्या में धर्म गुरुओं को आमंत्रित कर उनका आशीर्वाद लिया गया। विजय रूपानी ने शपथग्रहण समारोह में आने से पहले अक्षरधाम मन्दिर जाकर पूजा अर्चना की थी। चुनाव परिणाम आने के बाद रुपानी ने सबसे पहले अहमदाबाद स्थित भद्र काली और जगन्नाथ मन्दिर का दर्शन किया था। हालाँकि रूपानी जैन समाज से आते हैं जानकार बताते हैं राहुल और कांग्रेस के बदले तरीके के बाद बीजेपी भी अपनी धार्मिक छवि को बनाये रखना चाहती है।

मुख्यमंत्री विजय रूपानी के साथ-साथ 8 कैबिनेट और 10 राज्य मंत्रियों ने भी शपथ ली। मंत्रिमंडल में जाति और क्षेत्र के संतुलन को महत्त्व दिया गया है। बीजेपी ने उन क्षेत्रों के नेताओं को अधिक स्थान दिया है जहां बीजेपी कमज़ोर हुई है। बीजेपी को सबसे अधिक नुकसान सौराष्ट्र में हुआ है जहां पर बीजेपी को 18 सीटों को खोना पड़ा। लेकिन मंत्रिमंडल में सबसे अधिक 7 मंत्री सौराष्ट्र से ही बनाए गए हैं। दूसरी तरफ गुजरात के चार बड़े शहरों से मात्र 4 विधायकों को ही मंत्रिमंडल में जगह मिल पाई है। जबकि इन चार शहरों के कारण ही सत्ता वापसी संभव हो पाई। ये चार शहर अहमदाबाद, सूरत, बड़ोदा और राजकोट हैं। जहां से बीजेपी को 33 सीटें मिली हैं।

उत्तर गुजरात से 3, दक्षिण गुजरात से 4 और मध्य से 6 लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है बीजेपी से नाराज़ चल रहे पाटीदारों को विशेष महत्व देते हुए 14% जनसंख्या वाले पाटीदार समाज से 6 विधायकों को मंत्रिमंडल में स्थान मिला है। 40% जनसंख्या वाले पिछड़े वर्ग से भी 6 मंत्री बनाए गए हैं। इनके अलावा क्षत्रिय समाज से 3, 15% जनसंख्या वाले अनुसूचित जनजाति से 2, अनुसूचित जाति, ब्राह्मण और जैन समाज से 1-1 मंत्री बनाए गए हैं। बाबु बोखारिया, वल्लभ काकड़िया और राजेन्द्र त्रिवेदी को मंत्रिमंडल में दोबारा नहीं शामिल किया गया है। जबकि आर सी फड़दू, कौशिक पटेल, ईश्वर परमार, विभावरी दवे, रमण पाटकर और किशोर कनाडी जैसे नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।

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रूपानी मंत्रिमंडल में 8 कैबिनेट और 10 राज्य कक्षा स्तर के मंत्री बनाए गए हैं। 9 मंत्रियों ने 5 वीं से 12 वीं कक्षा तक की पढ़ाई घोषित की है। 10 ग्रेजुएट जिनमें से 5 एलएलबी हैं। सौरभ पटेल एमबीए डिग्री के साथ सबसे अमीर विधायक हैं। पटेल ने 123 करोड़ की संपत्ति घोषित की है। मंत्रिमंडल में सबसे कम संपत्ति घोषित करने वाले मंत्री बछु खाबड़ हैं जिन्होंने 35 लाख की संपत्ति घोषित की है। एसोसिएशन ऑफ़ डेमोक्रेटिक रिफर्म (एडीआर) के अनुसार 18 के मंत्रिमंडल में 3 मंत्री दागी हैं। जिनके खिलाफ क्रिमिनल रिकॉर्ड हैं। पुरषोत्तम सोलंकी और जयेश रादडीया के खिलाफ गंभीर धाराओं में गुनाह दर्ज हैं। जबकि प्रदीप सिंह जाडेजा के खिलाफ एक केस दर्ज है। 2019 का चुनाव देखते हुए बीजेपी ने ग्रामीण क्षेत्रों से अधिकतर मंत्री बनाए हैं।

नवनिर्वाचित सरकार को पहली बार विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह से चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। 22 वर्षों में पहली बार एक मज़बूत विपक्ष विधानसभा में होगा कांग्रेस ने अभी तक विधायक दल के नेता का चुनाव नहीं किया है। कांग्रेस के सभी बड़े नेता चुनाव हार जाने के कारण पार्टी के लिए नए नेता का चुनाव भी चुनौतीपूर्ण है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अमरेली से विधायक परेश धनानी और अल्पेश ठाकोर में से कोई दल का नेता हो सकता है। परेश धनानी पाटीदार समाज से आते हैं। अमरेली जिले की सभी 5 सीटें कांग्रेस ने जीती है। जिस कारण धनानी की दावेदारी सबसे मज़बूत है।

सूबे का मंत्रिमंडल-
विजय रूपानी : मुख्यमंत्री
नितिन पटेल : उपमुख्यमंत्री
कैबिनेट मंत्री
1.    भूपेन्द्र सिंह चुडास्मा
2.    आरसी फड़दू
3.    सौरभ दलाल पटेल
4.    कौशिक पटेल
5.    गणपत वसावा
6.    जयेश रादडीया
7.    दिलीप ठाकोर
8.    ईश्वर परमार
राज्यमंत्री
1.    प्रदीप सिंह जाडेजा
2.    परबत पटेल
3.    जयद्रथ परमार
4.    रमण पाटकर
5.    पुरुषोत्तम सोलंकी
6.    ईश्वर पटेल
7.    वासन अहीर
8.    किशोर कनाणी बछु खाबड़
9.    बचू खाबड़
10.    विभावरी दवे

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