राजनीति: CM मोदी मुस्लिमों की टोपी पहनने से इंकार करते हैं और PM मोदी मुस्लिमों से दास्तार बंधवाते हैं

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चुनाव आते ही प्रचार के साथ-साथ दुष्प्रचार भी शुरू हो जाते हैं। सोशल मीडिया का इस्तेमाल फर्जी फोटो और वीडियो फैलाने के लिए बहुत हो रहा है। जैसे-जैस गुजरात चुनाव के तारीख नजदीक आ रहे है, अफवाहों का बाजार भी गर्म होता जा रहा है।

सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की एक वीडियो तेजी से वायरल हो रही है। वीडियो में दिख रहा है कि प्रधानमंत्री के कमरे में एक मुस्लिम दल उनसे मिलने के लिए पहुंचता है। प्रधानमंत्री उनका स्वागत करते हैं सबसे हाथ मिलाकर बातचीत होती है।

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और फिर उनके सिर पर एक गुलाबी रंग का दस्तार बांधा जाता है मोदी को शॉल भी पहनाई जाती है और हाथ में कुछ भेंट भी दी जाती है। इस वीडियो के साथ जो मैसेज लिखा जा रहा वो इस प्रकार है ”गुजरात के मुख्यमंत्री होते हुए जो कभी खुले मंच पर मुस्लिम टोपी पहनने से मना कर रहे थे, आज गुजरात चुनाव में बंद कमरे में भी मुस्लिम दस्तार बंधवा रहे है… राजनीति भी कमाल की चीज़ है, आदमी से क्या क्या करवा लेती है, कभी झूठ बुलवा लेती है, तो कभी थूक भी चटवा लेती है।

सितंबर 2011 में मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और सद्भावना मिशन के लिए उपवास पर बैठे थे। इस मंच पर खेड़ा जिले के रुस्तमपुर गांव के सैयद इमाम शाही पहुंचे थे। उन्होंने अपनी जेब से टोपी निकालकर मोदी को पहनानी चाही तो मोदी ने हाथ जोड़ लिया था और टोपी नहीं पहनी थी।

अब इसी वीडियो को आधार बनाकर सोशल मीडिया पर नई कहानी बनाने की कोशिश की जा रही है। एबीपी न्यूज में प्रकाशित एक खबर से इस बात कि जानकारी मिलती है कि वायरल हो रही ये वीडियो मई 2016 का है।

जब प्रधानमंत्री मोदी ने अजमेर शरीफ से आए एक डेलिगेशन से मुलाकात की थी। इसी वक्त अजमेर शरीफ से आए प्रतिनिधि मंडल ने प्रधानमंत्री मोदी के सिर पर दस्तार बांधा था।

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