रवीश कुमार ने खोली मोदी के गुजरात विकास मॉडल की पोल, भक्तों में छा गई शोक की लहर

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अक्सर आपने देखा होगा कि, भक्त लोग गुजरात के मॉडल को सोशल मीडिया में ऐसे पेश करके दिखाते है जैसे कि, हिंदुस्तान ही क्या दुनिया में कहीं भी इतना विकास नहीं हुआ है जितना कि, गुजरात में मोदी जी ने किया है। अक्सर भक्त लोग ये तस्वीरें सोशल मीडिया में फोटोशोप के जरिये से फर्जी तस्वीरें वायरल करते है और गुजरात के फर्जी मॉडल को पेश करते है

लेकिन हकीक़त उससे हटकर है जो हमें रवीश कुमार की रिपोर्ट दिखा रही है। रवीश कुमार की गुजरात के मॉडल का कड़वा सच दिखाया और दिखाया कि, गुजरात के अहमदाबाद में किस तरह के विकास में लोग जी रहे है। रवीश कुमार जब गुजरात के विकास की पोल खोलने के लिए अहमदाबाद पहुंचे तो वह वहां पहुंचकर देखा कि, जिस तरह गुजरात के विकास के मॉडल बढ़ा-चढ़ाकर बताया जाता है यहाँ तो मामला उससे हटकर है। क्योंकि, गुजरात के अहमदाबाद में जब रवीश कुमार पहुंचे तो उन्होंने देखा कि, यहाँ तो सड़कों की हालत बहुत ज्यादा बुरी बनी हुई है।

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी.

सड़क तो बनी हुई है लेकिन सड़क कम और चारों तरफ गड्डे ही गड्डे नजर आ रहे है और चारों तरफ धुल ही उड़ती हुई नजर आ रही है। वहां के लोगों ने बताया कि, यहाँ पिछले कई सालों से कोई विकास नहीं हुआ है और इसी तरह धुल उड़ती रहती है जिसके कारण उनके स्वास्थ्य पर बहुत भारी असर पड़ता है। इसके अलावा जब रवीश कुमार साबरमती के किनारे पहुंचे और वहां पर बनी हुई सीढियों को देखा तो वह हैरान रह गए। क्योंकि लोगों ने वहां की सीढ़ियों को शोचालय बनाया हुआ है।

स्वच्छ भारत के अभियान चलाने वाले मोदी जी अपने ही राज्य में इस तरह से चारों तरफ गंदगी फैली हुई नजर आ रही है। रवीश कुमार जब मुरलीधर कॉलोनी में पहुंचे तो वहां भी देखा कि, किस तरह से वहां भी गंदगी फैली हुई है और कॉलोनी में सड़क भी नहीं बनी हुई है जिसके कारण बारिश के वक़्त वहां पर पानी जमा हो जाता है और गंदगी फ़ैल जाती है और जहाँ पर गंदगी फैलती है वहां पर बीमारियों का घर होता है।




इसकेअलावा रवीश कुमार ने गुजरात की सरकारी स्कूलों का भी जायजा लेने के लिए पहुँच गए। लेकिन वहां पहुंचकर तो वह और ज्यादा हैरान रह गए, क्योंकि सरकारी स्कूलों का नजारा ही कुछ ऐसा था कि, सही तरीके से वहां पर सफाई भी नहीं थी और सफाई करने के लिए छोटे-छोटे बच्चे लगे हुए थे जो स्कूल की सफाई में लगे हुए थे। छोटी-छोटी लड़कियां इन सरकारी स्कूलों में झाड़ू निकाल रही थी।

पानी पीने की भी व्यवस्था भी सही तरीके से नहीं थी, सैंकड़ों छात्रों के पानी पीने के लिए सिर्फ एक नल ही चल रहा था और वहां पर भी गंदगी फैली हुई थी। गुजरात के मॉडल के नाम पर वोट मांगने वाले मोदी को यह नजारा शायद दिखा नहीं होगा। लेकिन गुजरात का ऐसा मॉडल जो गुजरात की हकीक़त बयान कर रहा था। भक्तगण मोदी के गुजरात के लिए बहुत खुश होते है लेकिन जब हकीक़त में ये गुजरात का मॉडल देख लेंगे तो भक्तों का क्या हाल होगा?

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