मोदी से मेरी पत्नी को वापस दिलाओ, ऐसा आनंदी बेन के पति ने क्यों कहा था?

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भारतीय जनता पार्टी के नेता, आरएसएस के स्वम सेवक, गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्त्तमान में भारत के प्रधानमंत्री के जीवन से जुड़े कई ऐसे तथ्य हैं जिनकी लोगों को जानकारी नहीं है, या जानकारी छिपाई गयी, मोदी विवाहित वयक्ति हैं इस बात की जानकारी 2014 तक बीजेपी, आरएसएस और खुद मोदी ने छिपाई, चुनाव आयोग की एक शर्त के कारण मजबूरन मोदी ने बताया कि उनकी जसोदाबेन से शादी हुई थी, उसी समय देश की जनता को मोदी के वैवाहिक होने की जानकारी मिली थी|

2014 के संसदीय चुनावों से पूर्व एक

महिला की जासूसी कराने का विवाद सामने आया था, महिला की जासूसी मोदी के कहने पर अमित शाह दुवारा करायी गयी थी, यह जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया और मीडिया में अनेक चर्चे चले थे|

सोशल मीडिया में एक पुरानी चिट्ठी वायरल हो रही है, चिट्ठी का मजमून कुछ ऐसा है कि यह सुर्खियों में आ गई. इस चिट्ठी की सत्यता को लेकर ”तीसरी जंग” कोई दावा नहीं करता कि यह चिट्ठी सत्य है या असत्य|

दरअसल यह चिट्ठी गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन के पति मफतलाल पटेल ने पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को लिखी थी. जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऊपर गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इस चिट्ठी में मफतभाई पटेल ने नरेन्द्र मोदी से अपनी पत्नी आनंदीबेन को वापस दिलाने के लिए आडवाणी से गुहार लगाई थी.

चिट्ठी में यह भी लिखा है अगर उनकी यह समस्या हल नहीं की जाएगी तो वे पागल हो जाएंगे यहा तक कि उन्हें आत्महत्या तक करनी पड़ सकती है. चिट्ठी में मफतभाई पटेल ने मोदी के लिए चरित्रहीन और निर्दयी जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है. चिट्ठी उस दौर की है जब नरेन्द्र मोदी न तो मुख्यमंत्री थे और न ही प्रधानमंत्री और आडवाणी भी किसी बड़े संवैधानिक पदों में नहीं थे. चिट्ठी में 26 अगस्त 1985 की तिथि लिखी हुई है.

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गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल के पति मफतभाइ पटेल द्वारा भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष एल के आडवाणी को 1995 में लिखा हुआ एक लेटर वायरल हो गया है, जिसकी वजह से भाजपा में अफरा तफरी मच गइ है…

लेटर इस तरह है। कह नही सकता कि यह सच है या नही, लेकिन गुजरात में घर घर में व्हाट्स एप पर है

( सूत्र बता रहे है ये आडवाणी ने ही वायरल करवाया है)

आनंदीबेन पटेल एक राजनीतिज्ञ और गुजरात की पहली महिला रही हैं। वे 1998 से गुजरात की विधायक हैं।

वे 1987 से भारतीय जनता पार्टी से जुड़ी हैं और गुजरात सरकार में सड़क और भवन निर्माण, राजस्व, शहरी विकास और शहरी आवास, आपदा प्रबंधन और वित्त आदि महत्वपूर्ण विभागों की काबीना मंत्री का दायित्व निभा चुकी हैं।

दि इंडियन एक्सप्रेस के द्वारा वर्ष-2014 के शीर्ष 100 प्रभावशाली भारतीयों में उन्हें सूचीबद्ध किया गया है। वे गुजरात की राजनीति में “लौह महिला” के रूप में जानी जाती हैं।

फिलहाल हम इस लेटर के प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करते हैं.

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