मोदीजी, सात साल से चल रहे अस्‍पताल का दोबारा फर्जी उद्घाटन कर के किसे बेवकूफ़ बना रहे हैं?

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जो खुद ही बताया-दिखाया जाए वो ‘प्रचार’ है और जो छुपाया जाए वो ‘समाचार’ है । इसी से मिलती-जुलती बात प्रख्यात उपन्यासकार, पत्रकार और आलोचक जॉर्ज ऑरवेल ने आज से कई दशक पहले कही थी।

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अपने फायदे की चीजें बताना और बाकी चीजें छुपा लेना, यह प्रवक्ताओं और जनसंपर्क (पीआर) एजेंसियों का काम है । दरअसल, यही उनकी ‘ड्यूटी’ का आधार है।

बहरहाल, बात सिर्फ प्रवक्ताओं और पीआर एजेंसियों तक सीमित रहती तो दिक्कत नहीं थी ले​किन पीआर एजेंसियों का ये गुण अगर मुख्यधारा के अखबारों, न्यूज पोर्टलों, न्यूज एजेंसियों और न्यूज चैनलों में समा जाए तो ये बड़ी चिंता की बात है।

दरअसल, पिछले दो-तीन दिनों से मीडिया में एक खबर तैरती दिख रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के सरिता विहार इलाके में बने अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) का 17 अक्टूबर को उद्घाटन करेंगे। कई अखबारों ने उद्घाटन की बात को थोड़ा भव्य रूप प्रदान करते हुए लिखा कि मोदी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की तर्ज पर बने AIIA को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

 

 

यह खबर जब-जब मेरी नजरों से गुजर रही थी, मुझे तब-तब कोफ्त हो रही थी। कोफ्त इस बात की नहीं कि मोदी सरकार तो है ही झूठ फैलाने में माहिर, बल्कि इस बात की कि आखिर मीडिया लोगों को पूरा सच क्यों नहीं बता रहा। सिर्फ सरकारी बयानों और सरकारी प्रवक्ताओं की कही बातें क्यों छाप रहा है।

असल में मीडिया जनता से यह तथ्य छुपा रहा था कि AIIA का उद्घाटन आज से कई साल पहले हो चुका है। जी हां, आपने सही पढ़ा। मनमोहन सिंह की अगुवाई वाली यूपीए-2 सरकार के शासनकाल में ही 2010 में इस अस्पताल का उद्घाटन हो चुका है। ये मैं नहीं कह रहा। AIIA की वेबसाइट और भारत सरकार की ओर से 2010 में जारी एक प्रेस रिलीज में यह जानकारी दी गई है।

AIIA की वेबसाइट के मुताबिक, तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री एस गांधीसेल्वन ने 26 अक्टूबर 2010 को AIIA की ओपीडी सेवा का उद्घाटन किया था।

भारत सरकार के पत्र सूचना ब्यूरो (PIB) की ओर से 26 अक्टूबर 2010 की शाम 17:57 बजे जारी एक प्रेस रिलीज के दूसरे पैरे के दूसरी लाइन में साफ-साफ कहा गया कि गांधीसेल्वन ने AIIA की ओपीडी सेवा का उद्घाटन किया।

इसके अलावा, स्वास्थ्य मंत्रालय के आयुष विभाग की वेबसाइट पर जानकारी दी गई है अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार में AIIMS की तर्ज पर एक बड़े आयुर्वेद अस्पताल की स्थापना का निर्णय किया गया था। फिर दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने सरिता विहार के पास इस अस्पताल के निर्माण के लिए 11 एकड़ जमीन आवंटित की और तत्कालीन उप-राष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत ने 14 फरवरी 2004 को AIIA की आधारशिला रखी। इसी वेब पेज के चौथे पन्ने पर फिर यह जानकारी दी गई है कि एस गांधीसेल्वन ने AIIA का उद्घाटन किया।

अब सवाल पैदा होता है कि जब इस अस्पताल के शिलान्यास से लेकर उद्घाटन तक इतनी सारी जानकारी सार्वजनिक है तो फिर हेल्थ बीट कवर करने वाले पत्रकारों ने अपनी रिपोर्ट के जरिए लोगों को इन तथ्यों के बारे में क्यों नहीं बताया? क्या रिपोर्टर का काम सिर्फ सरकारी प्रेस रिलीज देखकर या प्रवक्ताओं के बयान सुनकर जस का तस छाप देना रह गया है?

सवाल तो प्रधानमंत्री मोदी से भी होंगे कि वो 2010 से चल रहे अस्पताल का कौन सा उद्घाटन करने वाले हैं? पिछले सात साल में हजारों मरीज AIIA में इलाज करा चुके हैं।

मैंने पिछले 18 सितंबर को खुद अपनी मां का इलाज AIIA में कराया है। वहां मुफ्त में दवाएं मिलने की सुविधा का लाभ मैं भी उठा चुका हूं।

जो अस्पताल जनता की सेवा में पहले से समर्पित है, उसे आप राष्ट्र को समर्पित करने का ढोंग कर क्या साबित करना चाहते हैं मोदी जी? कि ये अस्पताल आपकी सरकार की देन है?

कृपया इतना झूठ न फैलाएं कि लोग आपकी सरकार की वाजिब उपलब्धियों पर भी शक करने लगें।


लेखक युवा पत्रकार हैं

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