‘मेक इन इंडिया’ की बात करने वाले पीएम मोदी ने ‘मेड इन कोरिया’ मेट्रो कोच में योगी संग किया सफ़र

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आज जैसे ही साउथ दिल्ली से नोएडा को जोड़ने वाली मेट्रो मजेंटा लाइन का शुभारंभ हुआ लोगों को बड़ी राहत महसूस हुई। मगर मोदी सरकार के 3 साल बीत जाने के बाद भी मेक इन इंडिया का सपना, एक सपना ही रह गया।

मोदी सरकार ने मेक इन इंडिया के तहत 81 में से शुरुआती 20 ट्रेनों को साउथ कोरिया से इम्पोर्ट किया है। इसका मतलब साफ़ है की जिस ट्रेन को आज पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाई, वो मेक इन इंडिया नहीं बल्कि ‘मेक इन साउथ कोरिया’ थी।

जिस मेक इन इंडिया का ढोल हर मौके पर पीटा जाता है आज जब उसे ज़मीन पर लाने की बारी आई तो मोदी सरकार विफल होती दिखाई दी। भारत में कई मेट्रो मेक इन इंडिया के तहत बन रही है मगर आज जब मौका था तो भरोसा ‘विदेश में बनी मेट्रो’ पर ज्यादा किया गया।

बेशक भारत आज सातवां देश बन गया जहां इस ड्राइवरलेस ट्रेन की शुरुआत हुई है। मगर वो भी साउथ कोरिया की मदद से। तो क्या मेक इन इंडिया महज एक दिखावा है? जिसे प्लान बी की तरह प्रयोग किया जा रहा है। जब भारत जैसे देशों में जहां मेक इन इंडिया का ऐसा शोर मचाया जाता हो जैसे अब हर सामान भारत में ही बनेगा मगर पूरी की पूरी ट्रेन ट्रांसपोर्ट करके भारत लाई गई हैं।

बता दें कि मेट्रो तीसरे फेज में भारत में पहली बार ड्राईवरलेस मेट्रो दौड़ेगी, डीएमआरसी ने नोएडा के बॉटनिकल गार्डन से साउथ दिल्ली के कालका जी मंदिर के बीच 13 किलोमीटर लंबी नई लाइन तैयार की है।

इसे मेजेंटा मेट्रो लाइन नाम दिया गया है। मेजेंटा लाइन की लंबाई नोएडा से जनकपुरी वेस्ट तक करीब 38 किलोमीटर है। कालकाजी से आगे कंस्ट्रक्शन चल रहा है। हौज खास स्टेशन पर मेट्रो बदलकर यलो लाइन से गुड़गांव तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।

Courtsey: Bolta Hindustan

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