मीडिया पर लगे 5000 करोड़ में बिकने के आरोप, गुजरात चुनाव में ‘विकास’ छोड़ ‘धार्मिक मुद्दें’ उठाने का हुक्म मिला

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इस समय मीडिया लगातार अपनी विश्वसनीयता खोता जा रहा है। मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा गया है लेकिन जिस तरह से इस समय देश का मीडिया मुद्दे उठा रहा है उससे देश का लोकतंत्र कमज़ोर हो रहा है। इसीलिए लगातार मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं और आरोप लगाए जा रहे हैं।

ये आरोप ऐसे लोगों की तरफ से लगाए जा रहे हैं जिनका न राजनीति और न ही निजी क्षेत्र के मीडिया से कोई सीधा सम्बन्ध है। ऐसे ही एक व्यक्ति नचिकेता देसाई ने मीडिया पर बिक जाने का आरोप लगाया है। नचिकेता सरकारी न्यूज़ एजंसी यूएनआई में सलाहकार संपादक हैं।




उन्होंने अपने फेसबुक वॉल पर पोस्ट किया कि भाजपा ने 5000 करोड़ रुपये में गुजरात चुनाव के लिए मीडिया को अपने पक्ष में कर लिया है।

उन्होंने ये भी बताया कि कैसे डिबेट शो और पेनालिस्ट की भी अलग-अलग कीमत तय है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि भाजपा ने जीतने पर न्यूज़ कंपनियों को कम दामों में ज़मीन देने का वादा भी किया है।

गौरतलब है कि इस बार गुजरात चुनाव में जिस तरह से मीडिया राज्य की मूलभूत समस्याओं और ज़मीनी मुद्दों से मुहं मोड़कर गुजरात दंगा पीड़ित, गोधरा और गुलबर्ग सोसाइटी के बारे में बात कर रहा है उससे लोग हैरान है।

ये आरोप भी लगाया जा रहा है कि धार्मिक साम्प्रदायिकता दिखाकर चुनावी हवा को भाजपा की ओर मोड़ने की कोशिश की जा रही है।

बता दें, कि हाल ही में मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया ने भी कहा है कि भाजपा मीडिया मैनेज कर रही है, इसलिए व्यापम जैसे मामले छप नहीं पाते।

Courtesy: Bolta Hindustan

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