“भगवान राम का स्टेच्यू पटेल और शिवाजी से छोटा क्यों, क्या राम उनसे छोटे हैं?”-कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा

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नयी दिल्ली. “क्या भगवान राम का क़द शिवाजी महाराज या सरदार पटेल से भी छोटा है?”, “क्या यूपी सरकार के पास पैसों की कमी है?” “अगर नहीं तो फिर भगवान राम का स्टेच्यू सरदार और शिवाजी से छोटा क्यों बनाया जा रहा है?” ये सारे सवाल सुप्रीम कोर्ट ने यूपी की योगी सरकार से पूछे हैं।

Statue Ram Sardar Shivaji
“इन तीनों में भगवान राम सबसे छोटे क्यों?”

सर्वोच्च न्यायालय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि “वैसे आप ख़ुद को भगवान राम का सबसे बड़ा भक्त बताते हो और प्रतिमा बनाते हो सबसे छोटी और वो भी सबसे बाद में! क्या आपको और मोदी जी को किसी और के स्टेच्यू से पहले भगवान राम का स्टेच्यू नहीं बनाना चाहिये था?”

“और पटेल का स्टेच्यू 790 फुट, शिवाजी का 690 फुट और भगवान राम का सिर्फ़ 328 फुट! लानत है! ये बताओ, भगवान राम की सबसे ऊँची प्रतिमा भारत में नहीं बनेगी तो क्या पाकिस्तान में बनेगी?” -कोर्ट ने फटकारा।

सवालों की झड़ी लगाते हुए कोर्ट ने पूछा कि “क्या सरकार के पास पैसों की कमी है?”, इस पर सरकार के वकील ने जवाब दिया- “नहीं माई लॉर्ड! स्टेच्यू बनाने में तो हम सारा ख़ज़ाना लुटा देंगे!” “तो फिर बनाते क्यों नहीं! क्या पैसे हॉस्पिटल बनाने के लिये रक्खे हुए हैं?” “जी नहीं!” -वकील साब ने सर झुकाकर कहा और केस की अगली तारीख़ ले ली।

उधर, बीजेपी पर लगातार हमले बोल रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी इस ख़बर को सुनकर और भी हमलावर हो गये हैं। उन्होंने कहा है कि “देख लेना! ये स्टेच्यू भी नहीं बनाएंगे, सिर्फ़ लोगों का चू*** बनाएंगे! अब तो स्टेच्यू या जो भी कुछ बनेगा, वो हम ही बनाएंगे!” फिर उन्होंने हाथ उठाकर ज़ोर से नारा दिया- “स्टेच्यू वहीं बनाएंगे!”

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