बड़ा खुलासा- सरकारी पैसे से चल रहा है बीजेपी का सोशल मिडिया कैम्पेन, एक रिपोर्ट से हुआ साबित

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जहा एक तरफ मोदी कहते हैं कि भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनायेंगे वही दूसरी तरफ वे और उनकी पूरी सरकार भ्रष्टाचार के समुद्र में गोते लगा रही सारे सबूत सामने आने के बाद भी मोदी किसी पर कार्यवाही नहीं करते हैं बल्कि उसको पूरा सरक्षण भी देते हैं.ताकि उनकी सरपरस्ती में भ्रष्टाचार फलता फूलता रहे और उनकी पार्टी का खजाना भरता रहे.

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शायद यही सबसे बड़ी वजह है जब उन्होंने चुनाव के दौरान जनता से कहा था कि वे भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिए सबसे पहले वे राबर्ट वाड्रा को जेल भेजेंगे और यदि कोई उनकी पार्टी का कोई भी सांसद मंत्री विधायक नेता चोरी या डकैती डालता हुआ पकड़ा जायेगा तो वे उसको भी नहीं छोड़ेंगे पर ४१ महीने बीतने के बाद मोदी सरकार में एक भी मंत्री विधायक सांसद या उनकी पार्टी का कार्यकर्ता जेल नहीं भेजा गया जिससे साफ़ पता चलता है मोदी सत्ता में आने के लिए जनता से झूठे वादे करते थे.

 

हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मिडिया पर एक नया कैम्पेन चलाया जिसमे उन्होंने विकास की बात की थी इस तरह कई कैम्पेन चलाये गए बीजेपी के द्वारा बीजेपी काफी बीजेपी एक्टिव रही हमेशा सोशल मिडिया पर. हालही में एनडीटीवी की एक रिपोर्ट मे आयी है जिसमे बीजेपी के खिलाफ बड़ा खुलासा किया गया.  बीजेपी का सोशल मिडिया कैम्पेन सरकारी पैसे से चलता है

यहाँ तक की डेरा सच्चा सौदा के राम रहीम के दोषी करार होने के बाद जब हरियाणा मुख्यमंत्री एमएल खट्टर जब हिंसा रोकने में नाकामयाब हुवे तो उनके इस्तीफे की मांग होने लगी. इसके बाद ट्विटर पर #HaryanaWithKhattar के नाम से कैम्पेन चलाया गया रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया गया है कि इस कैम्पेन को बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ही खुद चलाया था

भार्गव जैन जो कि खुद को बीजेपी के सोशल मीडिया मैनेजर बताते हैं उन्होंने #HaryanaWithKhattar कैम्पेन के तहत 92 मिनट के अंदर 63 ट्विट किए थे। इसके अलावा वो दिसंबर 2016 से सिल्वर टच टेक्नोलॉजीज के मैनेजर भी हैं। सिल्वर टच टेक्नोलॉजीज नाम की कंपनी अहमदाबाद में 1992 को स्थापित की गई थी।

 

भार्गव जैन जैसे लोगों को कंपनी हायर करती है और फिर उनसे अपना काम कराती है। इस कंपनी के पर्सनल क्लाइंट रिलायंस इंडस्ट्री, अदानी ग्रुप, हिताची और निरमा ग्रुप जैसे मल्टीनेशनल कंपनियां हैं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया ने इस साल सितंबर में कहा था कि पिछले वित्त वर्ष में 53% काम लगभग 62.5 करोड़ रुपये के सरकारी कॉन्ट्रैक्ट से मिला था। कंपनी में काम करने वाले मनोज का कहना है कि यह कंपनी सिर्फ बीजेपी के लिए काम करती हैं। सिल्वर टच नाम की इस कंपनी ने सरकार के आदेश पर इस कॉन्ट्रैक्ट को साइन किया है

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